Human Angle: फोन पर बेटी हर दिन कहती है...पापा घर कब आओगे

Human Angle: जुन्नारदेव में फंसे कोरबा के कारोबारी की मार्मिक व्यथा, प्रशासन से नहीं मिल पा रही जाने की अनुमति

By: prabha shankar

Published: 27 Mar 2020, 05:01 PM IST

छिंदवाड़ा/ फोन पर बेटी हर दिन कहती है..पापा घर कब आओगे। यह मार्मिक पुकार सुनने के बाद किस पिता का हृदय नहीं रोएगा। कोरोना वायरस के संक्रमण काल के इस देशव्यापी लॉकडाउन ने जिस तरह हर किसी के पैरों में बेडिय़ां बांधी हैं, उससे सैकड़ों किमी दूर फंसे कोरबा के रहने वाले विनय सिंह की यह व्यथा अनसुनी हो रही है। उन्हें अपनी पत्नी और दो बेटियां के पास जाने की अनुमति देने से स्थानीय प्रशासन ने इनकार कर दिया है।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में कारोबारी विनय अपने परिजन से मिलने के लिए 19 मार्च को जुन्नारदेव आए थे। फिर जनता कफ्र्यू और फिर पूरे देश में लॉकडाउन की वजह से जुन्नारदेव में ही फंस गए। अब छह साल और 15 साल की बेटी रोज फोन करती है। कोरबा वापस जाने के लिए पुलिस और जुन्नारदेव एसडीएम के पास भी अनुमति मांगी। विनय के मुताबिक प्रशासन ने अनुमति देने से मना कर दिया है। ऐसे में उन्हें अभी जुन्नारदेव में ही ठहरना होगा।

इनका कहना है
पूरे देश में किए गए लॉकडाउन में किसी को भी बाहर जाने की अनुमति नहीं है। जो जहां हैं,उसे वहीं रहना होगा। स्थानीय प्रशासन उसकी मदद करेगा। ऑपरेशन जैसी विषम परिस्थिति में हमने एक व्यक्ति को नागपुर जाने की अनुमति दी है।
-राजेश बाथम,अपर कलेक्टर।

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