जुनून हो तो ऐसा, सोशल मीडिया के जरिए परवान चढ़ रहा जवान का हुनर

पेंटिंग, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी का शौक : पांढुर्ना तहसील के एक गांव से शुरू किया सफर

By: prabha shankar

Published: 04 Oct 2021, 10:58 AM IST

छिंदवाड़ा। दिल में देश सेवा का जज्बा और हाथों में हथियार लिए सीआरपीएफ के एक जवान का हुनर सोशल मीडिया के जरिए परवान चढ़ रहा है। उनकी कला को जिसने भी निहारा कुछ देर वहीं ठहर गया। उनके द्वारा कैनवॉस पर उकेरी गई पेंटिंग हो या फिर शूट किए वीडियो, प्रकृति को देखने का उनका नजरिया ही उन्हें दूसरों से एक अलग पहचान दिला रहा है।
20 मार्च 1990 को पांढुर्ना तहसील के ग्राम कौडिय़ां में जन्मे गुरुश्याम ने मीडिल स्कूल तक की पढ़ाई गांव में की। इसके बाद हाईस्कूल की पढ़ाई पाठई, फिर 11वीं और 12वीं छिंदवाड़ा के जवाहरलाल नेहरू बालक विद्यालय में जीव विज्ञान विषय से शिक्षा ली। उन्हें बचपन से ही पेंटिंग का शौक था।

 

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IMAGE CREDIT: patrika

ग्यारहवीं में पढ़ते हुए आया सेना में जाने का ख्याल
गुरुश्याम ने बताया कि उन्हें सेना में जाने का ख्याल 2009 में ग्यारहवीं की पढ़ाई के दौरान आया। तब वे 18 वर्ष के थे। जोश से भरे युवा गुरुश्याम को 2010 में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल भोपाल में ज्वाइनिंग मिल गई। उनकी ट्रेनिंग श्रीनगर के हमामा में हुई। फिर श्रीनगर के अनंतनाग में पहली पोस्टिंग मिली। एक वर्ष के बाद 2012 में छत्तीसगढ़ के सुकमा में दूसरी पोस्टिंग मिली। यहां उन्होंने नक्सल प्रभावित इलाकों में सेवाएं दीं। एक वर्ष
तक फोर्सटेटर की जिम्मेदारी निभाई। 2017 में दिल्ली में सेवाएं दीं। वहां वीआइपी सुरक्षा के लिए ड्यूटी की। 2017 से 2021 तक दिल्ली में कार्यरत रहे। वर्तमान में वे तेलंगाना के भद्राचलम में सेवाएं दे रहे हैं।

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रघुनाथ शाह सहित कई अवार्ड मिल चुके है
गुरुश्याम को बचपन से ही पेंटिंग में रुचि थी। शुरुआत में घर में चूने से रंगी दीवार पर कोयला और गिलखी, तोराई इनके पत्तों को घिसकर कर चित्र बनाते थे। आगे चलकर उन्हें स्कूल जीवन में उनकी चित्रकला सभी ने सराहा। यह सिलसिला लगातार जारी रहा। 2009 में छिंदवाड़ा के उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में शामिल होने का मौका मिला। वन्यप्राणी संरक्षण, आदिवासी संस्कृति, स्वतंत्रता सेनानियों पर किए गए चित्रण पर उन्हें राघुनाथ शाह पुरुस्कार से नवाजा गया। चित्रकला के लिए अब तक उन्हें कई अवार्ड मिल चुके हैं। पेंटिंग के अलावा उन्हें फोटोग्राफी, फोटो व वीडियो एडिटिंग और वॉल टेक्सचर का भी शौक है। वे अपनी ड्यूटी के दौरान होने वाली एक्टिविटी की भी फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करते हैं। गुरुश्याम ने बताया कि वे प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण सीनरियों, वारली आर्ट, पुट्टी टेक्सचर और किसी भी तरह का चित्रण कर सकते हैं। उनका सपना एनिमेशन कार्टून बनाने का है।

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वीडियोग्राफी का हुनर
वीडियो बनाने की प्रेरणा उन्हें हॉलीवुड की फिल्मों से मिली है। इनमें बहुत से खूबसूरत नजारों यानी प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर दृश्य दिखाते हैं। सही मायने में उन्हें
फोटो और वीडियो एडिटिंग का शौक वर्ष 2014 से लगा। वे ऐप की मदद से अच्छे वीडियो बनाते हैं। फोटोग्राफ और वीडियो पर लाइक आने से आगे और वीडिय़ो फोटो बनाने में उत्साह बढ़ता है। उनका यह शौक बरकरार रखता है।

युवाओं के लिए संदेश
टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल करें। बेकार के झमेले (साइबर क्राइम) में न फंसे। अपना भविष्य बनाने के लिए खूब मेहनत करें। अच्छे से पढ़े-लिखें। खेल में रुचि बढ़ाएं और देश के लिए मेडल जीतकर लाएं। अगर कोई आर्मी या फोर्स में जाना चाहते हैं तो मेहनत करते रहें।
गुरुश्याम, सीआरपीएफ जवान

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