शासकीय आवासों की अनदेखी

arun garhewal

Publish: Dec, 07 2017 05:04:10 PM (IST)

Chhindwara, Madhya Pradesh, India
शासकीय आवासों की अनदेखी

शासन एवं कलेक्टर जेके जैन ने जिले में एक बैठक लेकर सभी विभागों के अधिकारियों को अपने मुख्यालय में रहकर कामकाज संभालने के आदेश दिए हैं, लेकिन इसका असर

छिंदवाड़ा. मोहखेड़. शासन एवं कलेक्टर जेके जैन ने जिले में एक बैठक लेकर सभी विभागों के अधिकारियों को अपने मुख्यालय में रहकर कामकाज संभालने के आदेश दिए हैं, लेकिन इसका असर मोहखेड़ विकासखंड में होता नहीं दिखाई दे रहा है। यहां अधिकत्तर विभाग के जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी मुख्यालय में न रहकर जिले से अपडाउन कर रहे हैं। यहां तक कि अपडाउन के चलते कभी समय पर कार्यालय पर भी नहीं पहुंचते। यहां शासकीय कार्य से ग्रामीणों को अधिकारियों का इंतजार करना पड़ता है जिससे वह कभी-कभी परेशान हो जाते हैं।
करोड़ों रुपए के भवन बने शोभा की सुपारी: मोहखेड़ विकासखंड़ में तहसीलदार भवन, जनपद सीईओ भवन, महिला बालविकास परियोजना अधिकारी, स्वास्थ विभाग, कृषि विभाग, पशु औषद्यालय सहित अन्य विभाग के अधिकारियों के आवास यहां शोभा की सुपारी बने हुए हंै।
शासन ने लाखों-करोड़ों रुपए खर्च कर यहां पर पदस्थ अधिकारियों के लिए आवास निर्माण कराया है, लेकिन ये धूल खा रहे हैं या क्षतिग्रस्त होने लगे हैं। 4 साल पूर्व ही तहसील निर्माण एवं अन्य अधिकारियों के नवीन भवन सौंसर अनुविभागीय अधिकारी द्वारा हैंडओवर किए जाने के बाद भी कोई भी अधिकारी वहां नहीं रह रहा है। इस विकासखंड़ में पदस्थ कई विभागों के अधिकारी रोजाना अपडाउन कर इस प्रथा को कायम रखना चाहते है। अधिकारियों पर शासन और कलेक्टर के आदेश का कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है।

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पूर्व सीईओ की हुई जांच
छिंदवाड़ा. परासिया. जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुराग मोदी ने बुधवार को जनपद के पूर्व सीईओ राजधर पटेल के खिलाफ शिकायतों को लेकर तीन घंटे तक जांच की।
शिकायत में पूर्व सीईओ पर राजधर पटेल पर भ्रष्टाचार करने वाले को बचाने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में कहा गया कि पूर्व में छिंदा में रहे सचिव राजेश कुशवाहा ने लगभग 80 हजार का गबन किया था, जिसके खिलाफ राजधर पटेल द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई बल्कि उन्हें जनपद पंचायत के कुछ कार्यों का जिम्मेदारी सौंप दी गई। इसके अलावा फुटेरा के सरपंच को डेढ़ वर्ष पूर्व लोकायुक्त ने चार हजार की रिश्वत लेते पकड़ा था लेकिन सरपंच प्रेम कुमार साहू को भी सीईओ के द्वारा संरक्षण दिया गया। सरपंच पर भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं तेंदूखेड़ा की महिला सचिव पिछले कई वर्षों से बैठक में नहीं आ रही है जिसके विरुद्ध भी सीईओ ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके अलावा तुमड़ी पंचायत में सामग्री डाले बगैर लाखों का फ र्जी भुगतान लेने वाले को सीईओ द्वारा संरक्षण देने एवं मोरडोंगरी खुर्द पंचायत की गड़बडिय़ों को लेकर राजधर पटेल के द्वारा जांच रिपोर्ट जिला पंचायत में नहीं देने का आरोप लगाए गए है।
इस संबंध में जिला पंचायत अतिरिक्त सीईओ अनुराग मोदी ने बताया कि उन्होंने जिला पंचायत सीईओ रोहित सिंह के निर्देशपर शिकायतों की जांच की गई है और जांच रिपोर्ट तैयार कर उन्हें प्रस्तुत करेंगे।

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