अवैध आयुर्वेद क्लीनिक सील...प्रशासन-डॉक्टरों की संयुक्त कार्रवाई, जानें स्थिति

- स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दी दबिश, किया सील

छिंदवाड़ा/ नगर के परासिया रोड पार्वती नगर में अवैध रूप से संचालित आयुर्वेद क्लीनिक पर गुरुवार को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने दबिश दी तथा शासन की गाइडलाइन के तहत डिग्री, सीएमएचओ कार्यालय का पंजीयन, आयुर्वेद पंजीयन, चिकित्सा उपकरणों का पंजीयन आदि प्रस्तुत नहीं किए जाने पर सील बंद कार्रवाई की गई। बताया जाता है कि आयुर्वेद के माध्यम से सम्बंधित डॉक्टर ने चर्मरोग, दमा-अस्थमा, गठियावात, संधिवात, पीलिया, टायफाइड समेत अन्य कई गंभीर बीमारियों को ठीक करने का दावा करते हुए बिना डिग्री या पंजीयन के दवाइयां रखना पाया गया।

इतना ही नहीं मामले में पूर्व में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से क्लीनिक संचालक सुनील कतिया को नोटिस जारी कर संचालन बंद करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद लोगों का उपचार किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार विक्रम ठाकुर, डीएचओ डॉ. डीसी धुर्वे, सिम्स प्रोफेसर डॉ. विकास द्विवेदी, जिला आयुष अधिकारी डॉ. किशोर गाडबेल, दवा निरीक्षक विवेकानंद यादव, शाखा प्रभारी शशि पटेल सहित अन्य मौजूद थे।

मरीज बनकर गए टीम सदस्य -

अवैधानिक रूप से संचालित आयुर्वेदिक क्लीनिक की हकीकत जानने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम के सदस्य मरीज बनकर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने 100 रुपए शुल्क देकर पंजीयन भी कराया गया, जिसके बाद वहां मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें डॉक्टर को दिखाने भेज दिया। इसके बाद टीम ने दबिश दी तो हडक़म मच गया। टीम सदस्य डॉ. द्विवेदी ने बताया कि क्लीनिक एक निजी मकान में चलाया जा रहा था तथा किसी के पास शासन का वैध पंजीयन नहीं होने पर कार्रवाई की गई है।

Dinesh Sahu
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