Illness: कोरोना के डर से घट गए मलेरिया के केस

मलेरिया विभाग का दावा: महामारी पर फोकस से छह माह में आए 20 मरीज, पिछले साल 51 का था आंकड़ा

By: manohar soni

Published: 12 Jul 2021, 11:09 AM IST

छिंदवाड़ा.इस साल कोरोना संक्रमण के डर से मलेरिया की बीमारी के केस आधे से ज्यादा घट गए। छह माह में केवल 20 मरीज सामने आए। पिछले साल 2020 में यह आंकड़ा 51 था। मलेरिया विभाग इसे आम आदमी की सजगता का परिणाम मान रहा है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि आनेवाले समय में सतर्कता बनी रही तो यह बीमारी पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
मलेरिया विभाग की मानें तो पिछले एक दशक में मलेरिया की रोकथाम के प्रयासों से काफी हद तक इस बीमारी पर अंकुश लगा है। पहले यह संख्या एक हजार से अधिक हुआ करती थी। फिर धीरे-धीरे तीन अंक और अब दो अंक में सिमट गई है। जिले में हर्रई, जुन्नारदेव और तामिया हाईरिस्क जोन हुआ करते थे, जहां मलेरिया रोधी कीटनाशक युक्त मच्छरदानी के उपयोग से भी मलेरिया केस कम हुए हैं। इसके साथ ही कोरोना से बचाव की प्राथमिकता होने से हर व्यक्ति ने अपने स्वास्थ्य के प्रति सजगता और सतर्कता रखी। इसका असर भी इस बीमारी को सीमित करने में सार्थक हुआ है।
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जुलाई से अक्टूबर तक बीमारी की चुनौती
मलेरिया के परजीवी का वाहक मादा एनोफि़लेज़ मच्छर है। इसके काटने पर मलेरिया के परजीवी लाल रक्त कोशिकाओं में प्रवेश कर के बहुगुणित होते हैं जिससे रक्तहीनता (एनीमिया) के लक्षण उभरते हैं। यह मच्छर अक्सर जमा पानी में पनपते हैं। जुलाई से अक्टूबर तक बारिश का मौसम इनके पनपने का कारण है। इसके लिए ही बरसाती पानी को जमा न होने देने की सलाह दी जाती है।
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डेंगू का भी मिला एक संदिग्ध मरीज
मलेरिया विभाग के अनुसार इस छमाही में मच्छर जनित डेंगू बीमारी का भी एक संदिग्ध मरीज प्रारंभिक टेस्ट में मिला। मेघासिवनी के इस मरीज के इलाज में सावधानी बरती तो कुछ दिनों में ठीक हो गया। उसके बाद दूसरा केस नहीं मिला है।
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बीमारी के ये हैं लक्षण
मलेरिया
तेज बुखार से ठंड लगना, उल्टी दस्त, तेज पसीना आना तथा शरीर का तापमान 100 डिग्री सेटीग्रेड से उपर बढ़ जाना, सिर दर्द, शरीर में जलन तथा मलेरिया में बुखार आने पर शरीर में कमजोरी होना।
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डेंगू
डेंगू की शुरुआत तेज बुखार और सिरदर्द व पीठ में दर्द से होती है। शुरू के दिनों में शरीर के जोड़ों में दर्द होता है।, आंखे लाल हो जाती है। डेगू बुखार दो से चार दिनों तक होता है उसके बाद शरीर का तापमान धीरे-धीरे अपने आप नार्मल होने लगता है। बुखार के साथ ही साथ शरीर में खून की कमी होने लगती है।
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बचाव के लिए यह जरूरी
मलेरिया और डेंगू से बचाव के लिए घर के आसपास पानी को एकत्रित न होने दे। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करे। नीम के पत्ती का धुंआ करे। अपने घर के नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर रक्त की जांच अवश्य करवाने का कार्य करे। बुखार होने पर तुरंत इसकी जांच कराएं।
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इनका कहना है..
मलेरिया के केस पिछले छह माह में विगत वर्ष 2020 की तुलना में कम हो गए हैं। अभी जुलाई से अक्टूबर के बीच बारिश के मौसम में यह बीमारी की चुनौती है। इसकी रोकथाम के लिए विभागीय कर्मचारी लगे हुए है।
-देवेन्द्र भालेकर, जिला मलेरिया अधिकारी।

manohar soni Reporting
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