खेत मध्यप्रदेश में, निवासी महाराष्ट्र के

किसानों को हर साल 6 हजार रुपए सम्मान निधि

खेत मध्यप्रदेश में, निवासी महाराष्ट्र के
पंाढुर्ना. पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में रहने वाले किसानों की सम्मान निधि पर बने संकट के बादल हट नहीं पा रहे है। केन्द्र सरकार ने तो किसानों को हर साल 6 हजार रुपए सम्मान निधि के रूप में देने की घोषणा कर योजना का संचालन शुरू कर दिया परंतु किसानों की यह निधि दो राज्यों के बीच अटक गई है।
तहसील की सीमा पर स्थित ग्राम पंचायत मारूढ़, राजना, वाड़ेगंाव, बड़चिचोली, राजोराकला, लांघा, मालेगांव, हिवरासेनडवार, सहित कई गांवों में महाराष्ट्र में रहने वाले किसानों के खेत है। वे अपने गांवो से हर दिन सीमा लांघकर खेती करने के लिए आते है। इन किसानों की संख्या लगभग 400 के आसपास है। किसान होते हुए भी इन किसानों को केन्द्र सरकार द्वारा दी जानी वाली सम्मान निधि 6 हजार रुपए प्रदान करने में परशानियों का सामना राजस्व विभाग को करना पड़ रहा है। इसी वजह से इस योजना को लेकर तहसील की रिपोर्ट भी पिछड़ी नजर आ रही है। पटवारियों ने बताया कि इन किसानों के खातें तो यहां खुले हुए है परंतु इनके परिवार की समग्र आईडी नहीं होने से इनके दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो पा रहे है। खातों के आधार पर लक्ष्य तय हो चुका है। महाराष्ट्र के दस्तावेजों को मप्र शासन इस योजना के हितग्राही के रूप मान्य नहीं कर रहा है। ऐसे में योजना का लाभ किसानों को कैसे मिलेगा यह सवाल पैदा हो गया है?

22 हजार 160 परिवारों का पंजीयन
इस योजना को लेकर 22 हजार 160 किसान परिवारों ने पंजीयन कराया है। इनमें से 11 हजार 17 परिवार पात्र पाए गये है। जिनका योजना के लिए चयन किया गया है। शेष लगभग 11 हजार किसानों की जानकारी राजस्व विभाग प्राप्त कर पोर्टल पर अपलोड करने कार्य कर रहा है। विकासखंड में कुल 58 हजार 461 किसानों के खाते है। इनमें से कई खाते एक ही परिवार के अलग-अलग है। ज्ञात हो कि इस योजना के लाभ के लिए आयकर दाता नहीं होना चाहिए साथ ही विधायक या सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी नही होना चाहिए।

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