Legislative Assembly: इंदिरा गृह योजना से बाहर होंगे आयकर दाता, मंत्री ने दी जानकारी

पांढुर्ना में समय पर पूरी नहीं हो सकी जल आवर्धन योजना, विधायक निलेश उइके ने विधानसभा में उठाया सवाल, सरकार ने दिया जवाब

By: prabha shankar

Published: 17 Mar 2021, 11:54 AM IST

छिंदवाड़ा। पांढुर्ना की जल आवर्धन योजना में अनियमितता और चरणबद्ध तरीके से काम नहीं होने का मामला विधायक निलेश उइके ने विधानसभा में उठाया। उन्होंने कहा कि पांढुर्ना नगर पालिका परिषद को यूडीएसएसएमटी जलावर्धन पेयजल योजना के तहत 114.33 करोड़ रुपए की राशि प्रदान की गई थी। नियमों के विपरीत कार्य करने व समयावधि में कार्य पूर्ण नहीं करने के लिए कौन से अधिकारी दोषी हैं? योजना हैण्डओवर हुए बगैर नगर पालिका परिषद द्वारा नल कनेक्शन किन नियमों के अंतर्गत वितरित किए जा रहे हैं।
इस पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने जवाब दिया कि इस योजना में 114.33 करोड़ की 12 जून 2012 को सभी घटकों की परसोड़ी जलाशय सहित तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई, जिसमे चरणों का कोई प्रावधान नहीं था। स्वीकृति के अनुसार योजना का क्रियान्वयन चरणों में किए जाने के कोई निर्देश/आदेश नहीं थे। निर्माण कार्यों के दौरान अतिक्रमण होने के कारण एवं ओव्हर हेड टैंक के स्थल परिवर्तन कर नए स्थल के चयन के कारण निर्माण कार्य समयावधि में पूर्ण नहीं हुए। इस पर प्रेसिडेंट इन काउंसिल की बैठक में विलंब के कारणों पर विचार करते हुए निर्माण एजेंसी को सर्वसम्मति से 31 मार्च 2021 तक की समयावधि बढ़ाई गई है।
प्राप्त तकनीकी स्वीकृति में नल कनेक्शन का प्रावधान न होने के कारण परिषद प्रस्ताव द्वारा 4000 नवीन नल कनेक्शन की स्वीकृति एवं विधिवत तकनीकी स्वीकृति उपरांत, निविदा आमंत्रण की कार्यवाही पूर्ण कर कार्य कराया जा रहा है।

इंदिरा गृह योजना से बाहर होंगे आयकर दाता
विधायक पीसी शर्मा समेत अन्य से एक महत्वपूर्ण प्रश्न में इंदिरा गृह ज्योति योजना के अंतर्गत 150 यूनिट तक सस्ती बिजली का लाभ पाने वाले अनेक उपभोक्ताओं को योजना से बाहर करने के बारे में जानना चाहा।
इस पर ऊर्जा मंत्री ने बताया कि राज्य शासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि इंदिरा ज्योति योजना का लाभ मात्र ऐसे उपभोक्ताओं को दिया जाए, जो कि आयकरदाता नहीं हैं। ऊर्जा विभाग के पत्र द्वारा आयकर कार्यालय से प्रदेश के आयकरदाताओं का डेटा विद्युत वितरण कंपनियों को उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।
विद्युत वितरण कम्पनियों को आयकर कार्यालय से संपर्क कर वांछित डेटा प्राप्त करने एवं राज्य शासन के आदेश अनुसार कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया है।

सम्पत्ति कर में दस प्रतिशत की होगी वृद्धि
विधायक सुनील उइके ने कहा कि नगरीय निकायों में एक अप्रैल 2021 से सम्पत्ति कर का निर्धारण कलेक्टर गाइड-लाइन से किए जाने का नोटिफिकेशन शासन द्वारा राजपत्र में प्रकाशित किया गया है। इससे नागरिकों पर पडऩे वाले भार के बारे में विधायक ने पूछा। इस पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ने बताया कि मप्र राजपत्र 13 नवम्बर, 2020 द्वारा प्रकाशित मप्र नगर पालिका (भवनों एवं भूमियों को कर योग्य सम्पत्ति मूल्य का निर्धारण) नियम, 2020 अनुसार कर योग्य सम्पत्ति मूल्य की गणना में प्रचलित दर की तुलना में न्यूनतम 0 से 10 प्रतिशत तक की ही वृद्धि होगी। इस नियम के अंतर्गत सम्पत्ति कर की दरों में कोई भी वृद्धि नहीं की गई है, अपितु कर योग्य सम्पत्ति मूल्य का निर्धारण कलेक्टर गाइड-लाइन के आधार पर किया जाना प्रावधानित किया गया है। अधिकतम वृद्धि की सीमा 10 प्रतिशत नियत की गई है।

किराएदारी अधिनियम: विधायक उइके ने मप्र परिसर किराएदारी अधिनियम के बारे में जानना चाहा। इस पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ने एक्ट लागू होना बताया। विधानसभा जुन्नारदेव क्षेत्र अंतर्गत नगरीय निकाय दमुआ एवं जामई (जुन्नारदेव) में कोई प्रकरण दर्ज नहीं है।

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