नेहरिया खदान को लेकर बढ़ा तनाव

उत्खनन वाले दो सेक्शन बंद करने पड़े है जिससे उत्पादन घटकर आधा हो गया है। वेकोलि को लाखों रुपए का नुकसान प्रतिदिन हो रहा है।

By: arun garhewal

Published: 05 Sep 2019, 11:27 PM IST

छिंदवाड़ा. परासिया. पेंच क्षेत्र की भूमिगत कोयला खदान नेहरिया में उपर से पानी रिसाव होने के कारण उत्खनन वाले दो सेक्शन बंद करने पड़े है जिससे उत्पादन घटकर आधा हो गया है। वेकोलि को लाखों रुपए का नुकसान प्रतिदिन हो रहा है।
प्रबंधन द्वारा पानी खाली करने के उपाय को श्रम संगठन नाकाफी बताते हुए जवाबदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है। बुधवार को डिप्टी डायरेक्टर माइंस से$फ्टी टाम मैथ्यू, आइएसओ एसके पांडे नागपुर, महाप्रबंधक सोहाग पांडया ने खदान का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। इंटक अध्यक्ष विधायक सोहन वाल्मिक ने बुधवार को सीएमडी आरआर मिश्र को खदान की जानकारी देते हुए हस्तक्षेप करने की मांग की। सीएमडी ने खदान में पानी रिसाव की घटना से अनभिज्ञता जाहिर करते हुए इस पर कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। इंटक क्षेत्रीय अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि पेन्च क्षेत्र की एक मात्र अत्याधिक उत्पादन वाली माईन नेहरिया में विगत तीन दिनों से खदान के अन्दर मेन डीप की 11 लेवल एवं 15 लेवल के राईस एवं डीप में पानी भर गया है। साथ ही टीव्ही थ्री का टेलेन्ट तक भी पानी भर गया है। जिसके कारण पांच लोडिंग मशीन बंद कर दी गई है। जिससे 600 टन कोयला का उत्पादन कम हो गया है।
इंटक संगठन ने पहले ही पत्र लिखकर उच्च अधिकारियों को अवगत कराया था कि यहां पर पंपिंग व्यवस्था ठीक नहीं है। पानी का रिसाव 18 से 20 इंच हो रहा है तथा 2 पम्प द्वारा पंपिंग से लगभग 10 से 12 इंच पानी की निकासी सर्फेस में हो रही है।
कार्यवाही कर उचित क्षमता का तीसरा पम्प बिठालकर पानी की निकासी की जा सकती है। किन्तु लगभग 17 दिन बीतने के बाद भी क्षेत्रीय प्रबंधन के नकारात्मक रुख एवं लापरवाही के कारण माइन में पानी भरने दिया गया। विधायक सोहन वाल्मिक ने डायरेक्टर टेक्निकल चौधरी से चर्चा करते
हुए खदान मे तत्काल पूर्ववत व्यवस्था बनाने में प्रबंधन की लापरवाही के विरोध में आंदोलन की चेतावनी दी है।

arun garhewal
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