सुरक्षा के हर बिंदु पर इतवारी से केलोद तक रेलमार्ग की जांच करेंगे सीआरएस

12 जनवरी को कलकत्ता से सीआरएस एके राय के आगमन की तिथि तय हो गई है।

By: ashish mishra

Published: 03 Jan 2019, 01:28 PM IST


छिंदवाड़ा. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागपुर मंडल के अंतर्गत इतवारी से केलोद रेलमार्ग का निरीक्षण करने 12 जनवरी को कलकत्ता से कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) एके राय के आगमन की तिथि तय हो गई है। बुधवार को सीआरएस का कार्यक्रम जारी हो गया। सीआरएस 12 एवं 13 जनवरी को इतवारी से केलोद तक कुल 49 किमी की दूरी के रेलमार्ग पर सुरक्षा के हर मानकों की जांच करेंगे। गेज कन्वर्जन विभाग के कार्य से अगर सीआरएस संतुष्ट हुए तो इस मार्ग को वह सर्टिफाइड कर देंगे। इसके पश्चात गेज कन्वर्जन विभाग का अगला लक्ष्य दूसरे खंड में केलोद से भिमालगोंदी और फिर तीसरे खंड में भिमालगोंदी से भंडारकुंड होगा। पूरे कार्य करने का लक्ष्य मार्च 2019 रखा गया है। सूत्रों की मानें तो गेज कन्वर्जन विभाग को केलोद से भिमालगोंदी तक कुल 45 किमी रेलमार्ग का सीआरएस कराने में कोई अड़चन नहीं है। ऐसे में सम्भव है कि मार्च तक केलोद से भिमालगोंदी तक का सीआरएस हो जाए।

11 से होगी निरीक्षण की शुरुआत
पहले सीआरएस 11 जनवरी को नैनपुर से शिकारा तक रेलमार्ग पर विद्युतिकरण कार्यों का भी निरीक्षण करेंगे। सुरक्षा के लिहाज से विद्युतिकरण कार्य से संतुष्ट होने पर सीआरएस सर्टिफाइड करेंगे।

भिमालगोंदी से भंडारकुंड में होगी देरी
गेज कन्वर्जन विभाग को भिमालगोंदी से भंडारकुंड तक कुल 20 किमी रेलमार्ग को सीआरएस से सर्टिफाइड कराना सबसे बड़ी चुनौती होगी। इस मार्ग पर सुरंग के अलावा ऊंचे-ऊंचे ब्रिज हैं। सूत्रों की मानें तो भले ही दपूमरे ने मार्च 2019 तक भंडारकुंड से इतवारी रेलमार्ग पूरा कराने का लक्ष्य रखा है, लेकिन भंडारकुंड से भिमालगोंदी तक काफी अड़चनें हैं। ऐसे में यहां सीआरएस कराने में समय लग सकता है।

अभी नहीं हुआ स्पीड ट्रायल
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने इतवारी से भिमालगोंदी तक 100 किमी प्रति घंटे की स्पीड से इंजन और फिर मालगाड़ी चलाकर स्पीड ट्रायल का निर्णय लिया था। इसके लिए 28 दिसम्बर 2018 से कार्यक्रम निर्धारित किया गया था। हैरानी की बात यह है कि अभी केलोद से भिमालगोंदी तक बिछाए गए ट्रैक पर तकनीकी कार्य शेष रह गए हैं। इसके बावजूद गेज कन्वर्जन विभाग ने निर्देश जारी किए। हालांकि लगभग एक हफ्ते बाद भी स्पीड ट्रायल नहीं हो पाया है। अब जबकि सीआरएस का 12 जनवरी को आगमन तय हो गया है तो अब पूरी सम्भावना है कि एक से दो दिन में इतवारी से केलोद तक स्पीड ट्रायल किया जाएगा। वहीं अब दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के आला अधिकारियों की भी पूरी नजर यहां रहेगी। अधिकारियों का निरीक्षण भी अब हर दिन होगा।

Patrika
ashish mishra Desk
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