सागर तो दूर छिंदवाड़ा-नैनपुर-मंडला फोर्ट रेल परियोजना के बजट आवंटन पर भी संशय

शनिवार देर रात तक रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में कोई सर्कुलर जारी नहीं किया।

By: ashish mishra

Published: 07 Jul 2019, 12:25 PM IST


छिंदवाड़ा. मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला संयुक्त रूप से आम बजट एवं रेल बजट तो शुक्रवार को संसद में महिला वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन ने पेश कर दिया लेकिन इस बजट में सागर रेल परियोजना एवं छिंदवाड़ा-नैनपुर-मंडला फोर्ट परियोजना के संबंध में बजट आवंटन को लेकर संशय बना हुआ है। शनिवार देर रात तक रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में कोई सर्कुलर जारी नहीं किया। ऐसे में स्थानीय निवासी एवं गेज कन्वर्जन विभाग के अधिकारी भी मायूस हो गए हैं। छिंदवाड़ा-नैनपुर-मंडला फोर्ट परियोजना को पूरा करने के लिए गेज कन्वर्जन विभाग ने रेलवे बोर्ड से नए वित्तीय वर्ष में 400 करोड़ की डिमांड की थी। 1 फरवरी 2019 को पेश किए गए अंतरिम बजट में छिंदवाड़ा-नैनपुर मंडला फोर्ट के लिए 150 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए थे। जिससे परियोजना के कार्य आगे बढ़े। शेष कार्यों के लिए विभाग को अभी लगभग 300 करोड़ की जरूरत थी। अधिकारियों को उम्मीद थी कि शुक्रवार को पेश किए जाने वाले रेल बजट में परियोजना के लिए बजट स्वीकृत होगा, लेकिन शनिवार रात तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई।

पिंक बूक में होता है जिक्र
बजट में नई रेल परियोजना एवं या फिर पुरानी परियोजना के लिए अगर बजट स्वीकृत होता है तो रेलवे बोर्ड द्वारा पिंक बुक जारी किया जाता है। जिसमें सभी विवरण होता है। इस बार शनिवार रात तक रेलवे बोर्ड ने पिंक बुक जारी नहीं किया।

सांसद ने सागर रेल परियोजना का उठाया था मुद्दा
रेल बजट से पहले भारतीय संसद के उच्च सदन राज्यसभा में छिंदवाड़ा-करेली-देवरी-सागर रेल परियोजना को लेकर मप्र से राज्यसभा सांसद कैलाश सोनी ने सरकार से त्वरित व कारगर कदम उठाने की बात कही थी। वहीं रेल मंत्री से बजट भी स्वीकृत करने की मांग की थी। 1970 से इस रेललाइन को लेकर मांग उठती रही है। वहीं कई आंदोलन भी हुए हैं। वर्ष 2017-18 में इस परियोजना के सर्वे के लिए बजट भी स्वीकृत हुआ। सर्वे रेलवे बोर्ड मेंं सबमिट भी हो चुका है, लेकिन उसके बाद से रेल बजट में इस परियोजना को लेकर कोई जिक्र नहीं किया गया है। इस बार उम्मीद थी कि रेल बजट में छिंदवाड़ा-करेली-देवरी-सागर रेल परियोजना को लेकर बजट आवंटित किया जाएगा। गौरतलब है कि इस रेललाइन की सुविधा हो जाने से सागर-नागपुर के बीच की दूरी भी बहुत कम हो जाएगी। रेलवे बोर्ड के अनुसार यह रेल लाइन 279,37 किमी लंबी है जिसकी लागत 4805 करोड़ रुपए प्रस्तावित है।

Patrika
ashish mishra Desk
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