कमलनाथ सरकार आते ही वर्षों पुरानी यह समस्या दूर होने की सम्भावना

ढाई वर्ष बीते, टूटे बांध की नहीं ली सुध

By: Rajendra Sharma

Published: 18 Dec 2018, 09:50 AM IST

समस्या : नगरवासियों को नहीं मिल रहा जल आवर्धन योजना का लाभ

छिंदवाड़ा/परासिया. शिवराज सरकार की विदाई और कमलनाथ सरकार आते ही कोयलांचल की वर्षों पुरानी पेयजल की समस्या दूर होने की उम्मीद लोगों में जागी है।
न्यूटन पेंच नदी में बांध के टूटने और लंबा समय बीत जाने के बावजूद निर्माण शुरू नहीं होने के कारण परासिया नगर पालिका की जल आवर्धन योजना खटाई में पड़ गई है। बांध बनाने के लिए अभी तक रिवाइज इस्टीमेट एपू्रव नहीं हुआ है।
जानकारी के अनुसार करोड़ों रुपए की लागत से नगरपालिका ने पेंच नदी में बांध का निर्माण शुरू करवाया था। नागपुर की कम्पनी ने बांध का काम किया, लेकिन 10 जुलाई 2016 को पेंच नदी में बाढ़ आने के कारण बांध का एक भाग क्षतिग्रस्त हो गया। वहंी मिट्टी कटाव होने के कारण भी काम लंबा बढ़ गया है। बांध को टूटे हुए ढाई वर्ष का समय बीत गया है, लेकिन दोबारा काम शुरू नहीं किया गया है। योजना के तहत नगर पालिका ने फिल्टर प्लांट, संप, ओवरहेड टैंक, पाइपलाइन विस्तार, न्यूटन पेंच नदी में इंटेक वेल और परासिया तक पाइपलाइन का काम पूरा कर लिया गया है, लेकिन बांध के कारण पूरी योजना रुकी हुई है। इसके कारण नगरवासियों को जल आवर्धन योजना से इस ग्रीष्मकाल में भी पानी मिलने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं।

32 करोड़ की है जल आवर्धन योजना

तत्कालीन शहरी विकास मंत्री कमलनाथ ने नगर की पेयजल समस्या को हल करने के लिए जल आवर्धन योजना के अंतर्गत 32 करोड़ की राशि स्वीकृत कराई थी। योजना अंर्तगत अन्य कार्य कराए जा चुके हैं। पेंच नदी में बांध निर्माण का काम शुरू हुआ था, लेकिन बारिश में बांध के टूटने पर अब योजना को बड़ा झटका लगा है। सूत्रों के अनुसार ठेकेदार ने जो काम किया है उसका भुगतान उसे मिल गया है। बांध बनाने के लिए दोबारा अभी तक कोई प्रयास नहीं हुए हैं। बांध का काम कब शुरू होगा इस बारे में कोई भी कुछ कहने की स्थिति में नहीं है।

गर्मी में जल संकट से जूझता है नगर

परासिया में 21 वार्ड तथा आबादी 40 हजार से अधिक है। नगर में पानी की व्यवस्था खिऱसडोह के बोरों पर निर्भर है। कुछ स्रोत नगर में है जबकि 4 वार्डों में चरई एनीकट से पानी सप्लाई होता है जो ग्रीष्मकाल के पूर्व बंद कर दिया जाता है। गर्मी में लोगों को 10 से 15 दिनों के अंतराल में पानी मिलता है।

इनका कहना है

बांध का री-इस्टीमेट और डिजाइन बन गई है भोपाल से एप्रुवल मिलना बाकि है। एप्रुवल मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
दुर्गेश सिंह ठाकुर, सीएमओ नपा

टूटे हुए बांध को अधिक समय बीत गया है, लेकिन अधिकारियों की रूचि काम दोबारा शुरू करने में नहीं है। ठेकेदार को बांध निर्माण की 90 प्रतिशत राशि का भुगतान किया जा चुका है।
राधे सूर्यवंशी, उपाध्यक्ष नपा

क्षतिग्रस्त बांध के निर्माण को लेकर उच्च स्तर पर मेरे द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। शीघ्र भोपाल से इस्टीमेट का एपू्रवल करवाकर काम शुरू कराया जाएगा।
सोहन वाल्मिक, विधायक परासिया

Kamal Nath
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