scriptKotvar from 30 years, salary only 400 rupees monthly | 30 साल से कोटवार, वेतन मात्र 400 रुपए मासिक | Patrika News

30 साल से कोटवार, वेतन मात्र 400 रुपए मासिक

पांढुर्णा तहसील के दो ग्राम कोटवार गत 30 साल से महज 400 रुपए मासिक वेतन पर सरकार की चाकरी कर रहे हैं। महंगाई के दौर में रोजाना 15 रुपए से कम में अकेले आदमी का भी गुजारा संभव नहीं है। कोलीखापा में बाबूराव नारनवरे और इटावा में वासुदेव धोंगडे 30 साल से कोटवार की नौकरी कर रहे हैं। कोटवारों ने बताया 400 रुपए में घर खर्च नहीं चलता। परिवार के पालन-पोषण करने के लिए मजदूरी करते हैं। कई बार तो मजदूरी नहीं मिलने पर बाल बच्चों के लिए रोटी का जुगाड़ नहीं हो पाता।

छिंदवाड़ा

Published: May 11, 2022 09:43:32 pm

छिन्दवाड़ा/तिगांव. पांढुर्णा तहसील के दो ग्राम कोटवार गत 30 साल से महज 400 रुपए मासिक वेतन पर सरकार की चाकरी कर रहे हैं। महंगाई के दौर में रोजाना १५ रुपए से कम में अकेले आदमी का भी गुजारा संभव नहीं है।उनके मासिक वेतन से ज्यादा तो मनरेगा का मजदूर दो दिन में कमा लेता है। उनको प्रति दिन 202 रुपए मजदूरी मिलती है। वहीं कोटवारों को मात्र 13 रुपए 33 पैसे दिए जा रहे हैं। ग्राम पंचायत इटावा के ग्राम कोलीखापा में बाबूराव नारनवरे और इटावा में वासुदेव धोंगडे 30 साल से कोटवार की नौकरी कर रहे हैं। उनको यह नौकरी पिता की मृत्यु के बाद विरासत में मिली। इसके साथ ही 10 एकड़ शासकीय सेवा भूमि भी मिली है इस कारण उनको 400 रुपए मासिक वेतन मिलता है।कोटवारों ने बताया 400 रुपए में घर खर्च नहीं चलता। परिवार के पालन-पोषण करने के लिए किसानों के खेतों में मजदूरी करते हैं। कई बार तो मजदूरी नहीं मिलने पर बाल बच्चों के लिए रोटी का जुगाड़ नहीं हो पाता।कोटवारों का कहना है कि उनको मिली सेवा भूमि बंजर और पथरीली होने के कारण कृषि योग्य नही है। सरकार जमीन वापस ले और अन्य कोटवारों की तरह 4000 रुपए मासिक वेतन दिया जाए। इसके लिए उन्होंने 30 साल में कई बार ग्राम पंचायत से प्रस्ताव लेकर तहसीलदार, वरिष्ठ अधिकारी जनप्रतिनिधियों व मुख्यमंत्री तक गुहार लगाई , लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी ।कोटवारों को नियमानुसार गांव में रहकर हर गतिविधि पर नजर रखनी होती है। प्रशासन के अधिकारियों तक पूरी जानकारी पहुंचाने की जिम्मेदारी है। लेकिन अधिकारी इसके अलावा भी कोटवारों से कई काम कराते हैं माह के दो तीन दिन तहसील कार्यालय में रात्रि कालीन ड्यूटी लगाते हैं और कई बार बैठकों में भी बुलाते हैं। आने-जाने में उनके सौ- डेढ़ सौ रुपए खर्च हो जाते हैं ।
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Kot wise from 30 years, salary only 400 rupees monthly

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