
Kusmeli Mandi
छिंदवाड़ा। दो दिन से जिले में बारिश का माहौल बना है, ऐसे में कृषि उपज मंडी कुसमेली में पहुंचे किसानों की धडकऩे बढ़ गई है। 90 फीसद किसानों की उपज खुले परिसर में बिकने के लिए रखी है। इसमें किसानों की इच्छा नहीं मजबूरी है, क्योंकि ढेर करने के लिए मंडी शेड खाली नहीं है, ऐसे में किसान परेशान हो रहे हैं।
किसानों ने बताया कि खुले परिसर में फसल रखने से किसान को उपज का पूरा दाम नहीं मिलता। यदि धूप हुई तो उपज का वजन कम हो जाता है और बारिश हुई तो गीले होने की कटौती करवानी पड़ती है। मंगलवार को बारिश का मौसम बना रहने के कारण मंडी में आवक कम ही हुई। अधिकांश किसान मंडी आने से बचे और जो किसान आए भी तो उन्हें मंडी में शेड की सुविधा नहीं मिली।
खुले परिसर में भी जहां जगह मिली किसानों ने वहां ढेर लगा लिया। किसानों की माने तो मंडी में बोली लगाने वाले व्यापारियों की काफी कमी है, उन्हें उपज की बोली लगाने के लिए व्यापारियों को बुलाना पड़ता है। बारिश के चलते जिस दर में बोली टूटी, उस दर में बेचना ही पड़ेगा। बेचने का मन न भी हो तो शेड में जगह नहीं होने के कारण उपज को रख भी नहीं सकते हैं।
इधर... सिवनी में खरीदी केंद्र में इंतजाम फेल
पिछले दो दिन से जिले में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। कहीं-कहीं कुछ देर तेज बारिश हुई, तो कहीं-कहीं बार-बार बूंदाबांदी हो रही है। ऐसे हालात में जिले के 106 धान खरीदी केन्द्रों में खुले आसमान के नीचे पड़ा किसानों का अनाज अपर्याप्त इंतजामों के कारण भीग रहा है। किसानों का अनाज भीगने की खबरें पाकर प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हो गए और धान खरीदी, भण्डारण से जुड़े विभागीय अधिकारियों को केन्द्रों के निरीक्षण और व्यवस्था दुरूस्त करने के लिए आदेशित किया। मंगलवार को देर रात तक जिला खाद्य आपूर्ति, नागरिक आपूर्ति निगम, एमपी वेयर हाउसिंग के अधिकारी-कर्मचारी खरीदी केन्द्रों में जा-जाकर वहां उपलब्ध तिरपाल, पॉलीथिन और दूसरे सुरक्षा संसाधनों की जानकारी लेकर केन्द्र प्रभारी को तुरंत सुरक्षा सामग्री जुटाने और खुले में पड़े धान को ढकने के लिए कहा गया।
चार लाख क्विंटल धान खुले में भंडारित
बालाघाट जिले में लगातार मौसम में बदलाव हो रहा है। मौसम विभाग ने एक बार फिर से 14, 15 दिसंबर को बारिश की चेतावनी दी है। इधर, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य जा रही है। मौजूदा समय में 9 लाख 41 हजार क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी हैं। जिसमें से 4 लाख 60 हजार क्विंटल धान का परिवहन हो चुका है। शेष धान अभी भी खरीदी केन्द्रों में खुले में भंडारित हैं। ऐसे में बारिश होती है तो खुले में भंडारित धान के भीगने की संभावना बनी हुई है। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के प्रभारी सीईओ पी जोशी ने बताया कि मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए सभी खरीदी केन्द्रों में भंडारित धान को सुरक्षित करवा दिया गया है। उसे पॉलीथिन से ढक दिया गया है। ताकि बारिश होने पर धान खराब न हो।
क्या कहते हैं अधिकारी व व्यापारी
अधिकतर किसान खुले में ही ढेर करना पसंद करते हंै, ताकि उसकी उपज की चमक धूप में अधिक दिखे। मंडी शेड से व्यापारियों के माल का उठाव शेड से नियमित होता है। शेड में कुछ बाहरी व्यापारियों का भी माल स्टॉक होता है।
प्रतीक शुक्ला, अध्यक्ष छिंदवाड़ा अनाज व्यापारी संघ
शेड में व्यापारी ही नहीं बल्कि किसानों की भी उपज होती है, यह गलत है कि शेड में जगह नहीं थी, शेड में पर्याप्त जगह थी। मंगलवार को आवक भी कम रही।
सुरेश कुमार परते, सचिव कृषि उपज मंडी
Published on:
14 Dec 2022 10:58 am
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