कलयुग में मोक्ष का उत्तम मार्ग भागवत का श्रवण

सुदामा चरित्र के प्रसंग सुनक भक्त भावुक हो गए। कथावाचक ने कृष्ण और सुदामा के जन्म से लेकर बड़े होने एवं अश्रु से पैर धुलाने तक वृतांत सुनाया।

By: Sanjay Kumar Dandale

Published: 27 Feb 2021, 06:42 PM IST

छिंदवाड़ा/ दातलावादी. ग्राम पंचायत दातला के वेकोलि क्लब ग्राउंड में चल रही भागवत कथा के छठवें दिन भागवताचार्य पं. शुभम कृष्ण शास्त्री छोटे सरकार द्वारा श्री कृष्ण सुदामा मित्रता की कथा का बखान किया गया। उन्होंने बताया कि द्वापर युग में श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता आज भी लोगों के जहन में है।
श्री कृष्ण द्वारा अपने निर्धन मित्र सुदामा के प्रति दिखाई गई। गरीबी और निर्धनता से जूझ रहे सुदामा की अपने स्वामी और मित्र श्री कृष्ण के प्रति अगाध प्रेम का बखान किया। वहीं सुदामा द्वारा श्रीकृष्ण से मिलने पर कृष्ण द्वारा उनके पैर अश्रु धारा से धोने की कथा का वृतांत किया जिससे उपस्थित श्रद्धालु भावुक हो गए। इसके उपरांत परीक्षित मोक्ष की कथा का वर्णन किया। भागवत कथा समापन के उपरांत श्री राम सत्ता का शुभारंभ किया गया। भागवताचार्य द्वारा बताया कि कलयुग में मोक्ष का उत्तम मार्ग भागवत कथा का रसपान ही है। शनिवार को भागवत कथा समापन गुणावती सत्ता समापन के उपरांत प्रसाद वितरण होगा।
बाड़ीबाड़ा/पांजरा. ग्राम में चल रही श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में शुक्रवार को पंडित राजेश दुबे ने सुदामा चरित्र का प्रसंग सुनाया तथा झांकी प्रस्तुत की गई।
सुदामा चरित्र के प्रसंग सुनक भक्त भावुक हो गए। कथावाचक ने कृष्ण और सुदामा के जन्म से लेकर बड़े होने एवं अश्रु से पैर धुलाने तक वृतांत सुनाया। कथा सुनकर भक्त भावविभोर हो गए। सुदामा चरित का प्रसंग सुनने बड़ी संख्या में श्रोता पहुंचे। शाम को आरती एवं प्रसाद वितरण किया।

 

 

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