Lockdown: प्रशासन परेशान, 17 सौ मजदूरों के मोबाइल बंद

Lockdown: बार-बार फोन लगाकर थक गए अधिकारी-कर्मचारी: पता-ठिकाना न होने से अटकी घर वापसी

By: prabha shankar

Published: 05 May 2020, 05:27 PM IST

छिंदवाड़ा/ महाराष्ट्र, गुजरात समेत दूसरे राज्यों में फंसे 17 सौ मजदूरों के मोबाइल बंद होने से उनकी घर वापसी सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। अधिकारी-कर्मचारी फोन लगाकर थक गए, उनका पता-ठिकाना नहीं मिल पाया। फिलहाल प्रशासन ने पता-ठिकाने वाले मजदूरों की वापसी पर ध्यान केंद्रित किया है। इसके लिए राज्य के अधिकारियों से निरंतर सम्पर्क कर रहे हैं।
जिला पंचायत की जानकारी के अनुसार कोरोना लॉकडाउन में छिंदवाड़ा जिले के 66 सौ मजदूरों के मोबाइल फोन पर सम्पर्क हुआ है। महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, यूपी, तमिलनाडु, केरल, छत्तीसगढ़, हरियाणा, गुजरात, कर्नाटक, गोवा, दिल्ली, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, पंजाब, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और असम में रह रहे इन मजदूरों की राज्य व जिलावार सूची को राज्य शासन के पास भेज दिया गया है, जहां से बस और ट्रेन रूट से उनकी वापसी के प्रयास हो रहे हैं। जिन मजदूरों के मोबाइल नम्बर बंद हैं, इसके लिए प्रशासनिक अधिकारी चिंतिंत हैं। वे मान रहे हैं कि कोरोना लॉकडाउन में फंसने के बाद उनके मोबाइल का बैलेंस खत्म हो गया है। इनकमिंग बंद होने से उनसे सम्पर्क नहीं हो पा रहा है। फिर भी उन्हें रोज फोन लगाने के लिए कर्मचारियों को कहा गया है।
जिला पंचायत के एडीशनल सीइओ सुशील गुप्ता का कहना है कि जिन मजदूरों का मोबाइल बंद पड़ा है, उनसे संपर्क के लिए प्रशासन प्रयासरत है। जैसे ही उनका मोबाइल चालू होगा, उनसे पता-ठिकाना लेकर उनकी वापसी के प्रयास किए जाएंगे। फिलहाल 66 सौ मजदूरों की राज्य व जिलावार सूची राज्य शासन को भेजी गई है।

तीन राज्यों से आए 116 मजदूर
अंतरराज्यीय स्तर पर मजदूरों की वापसी की चल रही प्रक्रिया में तीन राज्यों से 116 मजदूर सोमवार को छिंदवाड़ा पहुंचे, जहां उनके स्वास्थ्य की जांच प्रक्रिया चल रही है। इनमें महाराष्ट्र से 87, तेलंगाना 17 और राजस्थान के 12 मजदूर हैं। इधर, दूसरे राज्यों के छिंदवाड़ा में फंसे 15 सौ से ज्यादा मजदूरों की वापसी के लिए उनकी राज्य सरकार के अधिकारी प्रयासरत हैं। फिलहाल उन्हें छिंदवाड़ा से बाहर भेजने के आदेश का इंतजार रहा।

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