अनुकरणीय तरीके से मनाया मकर संक्रांति पर्व

पानी रोको, पौधे रोपो, पॉलीथिन त्यागो का संदेश आमजन को दिया

छिंदवाड़ा / सर्व जागृृति गण (सजग) परिषद से जुड़े लोगों ने मंगलवार को मकर संक्रांति पर्व मनाया।
संस्था के के संयोजक कृपाशंकर यादव ने बताया कि मकर संक्रांति के अवसर पर प्रात: आठ से 10 बजे तक सजग कार्यालय इएलसी हॉस्टल में संगोष्ठी आयोजित की गई। मकर संक्रांति के महत्व के प्रचार-प्रसार हेतु तत्तसंबंधित पुस्तकों व साहित्य का आमजन में वितरण किया गया। नगर के समीपस्त नदी कुलबेहरा एवं बोदरी बने सदानीरा-सुंदरी आह्वान के तहत सजग परिषद के सदस्यों ने नदी के तट पर पूजा-अर्चना कर मकर संक्रांति पर्व मनाया। पानी रोको, पौधे रोपो, पॉलीथिन त्यागो का संदेश आमजन को दिया।
यादव ने बताया कि मकर संक्रांति का त्योहार धार्मिक व वैज्ञानिक दृष्टि से काफी महत्व रखता है और इसी दिन सूर्य उत्तरायण होकर उत्तरायन होकर मकर रेखा से गुजरता है। एक अलग मान्यता इस प्रकार है की महाभारत काल में इसी दिन भीष्म पितामह ने अपने अपने प्राण त्यागे थे और उनसे प्राण त्यागने का दिन पूछा गया तो उन्होंने मकर संक्रांति के दिन को ही चुना। वे सूर्य देव से भी प्रार्थना करते हैं और अपनी सफलता और समृद्धि के लिए धन्यवाद करते हैं। इस दिन ज्यादातर लोग खिचड़ी बनाते हैं। लोग सुबह-सुबह दही चूड़ा और तिल से बने हुए मिठाइयां जैसे तिलकुट, तिल और गुड़ से बना लड्डू खाते हैं। इस दिन पतंग उड़ाने की परम्परा है। कार्यक्रम में महेन्द्र यादव, एलआर दौडक़े, डॉ. केएल पाल, जेके चौकीकर, रोशनलाल माहोरे, शिवम यादव, शशिकांता,देवकी, ज्योती, लक्ष्मीबाई, राम वर्मा, महेन्द्र सोनी, मुरलीधर ओकटे, वासुदेव साधवानी, कमलेश प्रसाद चौरिया, प्रेम श्रीवास्तव आदि की सहभागिता रही।

Rajendra Sharma Desk
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