जिले में मलेरिया-कोरोना का प्रकोप...जिम्मेदार मौन, जानें स्थिति

- पिछले छह महीने में सामने आए 51 केस

By: Dinesh Sahu

Published: 23 Aug 2020, 12:01 PM IST

छिंदवाड़ा/ जिले में मलेरिया संक्रमण का दंश थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसकी वजह नाकाफी विभागीय प्रयास बताए जा रहे है। जिला मलेरिया विभाग द्वारा जारी माह जनवरी से जून 2020 के आंकड़ों के अनुसार पिछले छह महीने में 51 मलेरिया पॉजिटिव केस मिले है, जिनमें फैल्सीपेरम मलेरिया (पीएफ) 34 तथा वाइवेक्स मलेरिया (पीवी) के 17 मामले शामिल है।

मलेरिया मामले में विभाग ने जिले के जुन्नारदेव, तामिया, बिछुआ और हर्रई को हाईरिस्क जोन में चिन्हित किया है तथा पिछले वर्ष विभिन्न क्षेत्रों में मच्छरदानी का वितरण भी किया था। इसके बाद भी मलेरिया केस आना विभागीय क्रियाप्रणाली पर सवाल उठाता है।


औपचारिक रहे मलेरिया-डेंगू माह -


स्वास्थ्य विभाग हर वर्ष जून को मलेरिया तथा जुलाई को डेंगू रोग माह के रूप में मनाता है, जिसमें पूरे महीने मच्छरों से होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जाते है। मलेरिया-डेंगू रथ निकाला जाता है, जिसमें बीमारी के लक्षण, सुरक्षा और बरती जाने वाली सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी जाती है। लेकिन इस ऐसा नहीं किया गया। हालांकि विभागीय अधिकारी इसकी वजह कोरोना वायरस संक्रमण बताते है।


फैक्ट फाइल -


- माह जनवरी से जून 2020 की स्थिति में सामने आए केस


छिंदवाड़ा-6, पिंडरईकलां-0, मोहखेड़-1, परासिया-1, अमरवाड़ा-3, चौरई-0, सौंसर-0, पांढुर्ना-0, जुन्नारदेव-9, तामिया-3, हर्रई-25, बिछुआ-3.

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