Master Plan: अब 2031 का लक्ष्य नहीं, वर्ष 2035 पर होगा काम

27 गांवों की आपत्तियों के निराकरण के बाद बनेगा 55 गांवों का संयुक्त नक्शा, नई कार्ययोजना में जनसंख्या भी बढ़ानी पड़ेगी 50 हजार अधिक, तमाम औपचारिकताओं के बाद राज्य शासन के पास पहुंचेगा प्लान

By: prabha shankar

Published: 24 Dec 2020, 06:18 PM IST

मनोहर सोनी
छिंदवाड़ा। शहर की जमीन के निवेश और नियोजन पर आधारित मास्टर प्लान अपने तय समय से पांच साल पीछे हो गया है। इसे देखते हुए नगर एवं ग्राम निवेश विभाग को इसका लक्ष्य पीरियड वर्ष 2031 से बढ़ाकर 2035 करना पड़ा है। इसका आबादी लक्ष्य भी 50 हजार अतिरिक्त प्रस्तावित करना पड़ा है।
पिछला रिकॉर्ड देखा जाए कि नगरपालिका के समय मास्टर प्लान का पहला स्वरूप वर्ष 2013-14 में आया था, जब मास्टर प्लान 2011 समाप्त हुआ था। नगर निगम के वर्ष 2014-15 में गठन के बाद नगर एवं ग्राम निवेश विभाग द्वारा इसका पहला ब्लू प्रिंट जून 2017 में जारी किया गया था। उस समय निगम के आसपास के 28 गांवों को निवेश क्षेत्र माना गया था। इस मास्टर प्लान पर दावे-आपत्तियों का निराकरण कर उसे राज्य शासन के पास भोपाल में जमा कर दिया गया था। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में निर्वाचित होकर आई कमलनाथ सरकार द्वारा वर्ष 2019 में इस मास्टर प्लान में 27 गांव जोड़े गए। इसकी राजपत्र में अधिसूचना दोबारा बीते 27 नवम्बर 20 को शिवराज सरकार ने जारी की। इस तरह इसका समय पीरियड देखा जाए तो पांच साल से अधिक समय से यह मास्टर प्लान कहीं न कहीं लटक रहा है।

27 गांवों पर आई आठ आपत्तियां, अंतिम तिथि के चार दिन शेष
शहर में प्रस्तावित मास्टर प्लान केा निवेश क्षेत्र में शामिल किए गए 27 गांवों के विकासात्मक स्वरूप पर अब तक आठ आपत्तियां आई है। इसका प्रारंभिक प्रकाशन पिछले माह 27 नवम्बर को किया गया था। इस पर आपत्तियों की अंतिम तिथि 27 दिसम्बर रखी गई है। निवेश क्षेत्र की अनुसूची में झिरलिंगा, चारगांव, लकड़ाई जम्होड़ी, खापामि_े, डूंडासिवनी, सारना, पखडिय़ा, अतरवाड़ा, माल्हनवाड़ा, कुकड़ाचिमन, चारगांव भाट, थुनियाउदना, मोआदेई, मानेगांव, डुंगरिया, मुरमारी, अर्जुनवाड़ी, शिकारपुर, पौनारी, देवर्धा, लिंगा, जैतपुरखुर्द, गाडरवाड़ा, सालीमेटा, खुनाझिरखुर्द, खैरवाड़ा और कुण्डालीकलां शामिल हैं।

मास्टर प्लान में अब आगे क्या..
नगर एवं ग्राम निवेश विभाग द्वारा आपत्तियों और सुझाव का निराकरण कर अब 55 गांवों और पुराना शहर का संयुक्त नक्शा बनाया जाएगा।
इस संयुक्त नक्शे और अधिसूचना में मास्टर प्लान का लक्ष्य 2035 तथा जनसंख्या 4.50 लाख मानकर जमीन का घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक नियोजन किया जाएगा।
नक्शे और अधिसूचना का प्रकाशन कर पुन: दावे-आपत्तियां बुलाई जाएंगी। फिर उनका निराकरण किया जाएगा।
फिर मास्टर प्लान 2035 को राज्य शासन को अंतिम प्रकाशन के लिए भेजा जाएगा।


छिंदवाड़ा शहर के मास्टर प्लान का लक्ष्य अब वर्ष 2035 तथा जनसंख्या आधार 4.50 लाख होगा। इसके आधार पर जमीन का नियोजन तय कर उसे राज्य शासन के पास जमा किया जाएगा।
-अरविंद जैन, सहायक संचालक, नगर एवं ग्राम निवेश विभाग

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