मेडिकल कॉलेज डीन ने नर्सिंग स्टाफ से किया अनुचित व्यवहार...आक्रोशित कर्मियों ने खोला मोर्चा, जानें स्थिति

- अभद्रता पूर्ण व्यवहार करने पर किया प्रदर्शन और सौंपा ज्ञापन

By: Dinesh Sahu

Published: 16 Dec 2020, 10:54 PM IST

छिंदवाड़ा/ छिंदवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस से सम्बद्ध जिला अस्पताल के नेत्र विभाग की नर्सिंग सिस्टर बबीता पाटिल एवं नेत्र सहायक आदेश सूर्यवंशी के साथ डीन डॉ. जीबी रामटेके द्वारा अभद्रता पूर्ण व्यवहार किए जाने के विरोध में मंगलवार को स्वास्थ्य कर्मियों ने मोर्चा खोल दिया तथा काम बंद कर सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। साथ ही एसडीएम अतुल सिंह को उक्त संदर्भ में ज्ञापन सौंपकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

बताया जाता है कि मामले में नर्सिंग सिस्टर ने महिला उत्पीडऩ समिति से भी शिकायत की है। जिला चिकित्सालय की नर्सिंग यूनियन, पैरामेडिकल एसोसिएशन एवं मेडिकल कॉलेज स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने काम बंद कर डीन डॉ. रामटेके के रवैया के खिलाफ नारे लगाए और सार्वजनिक रूप से स्वास्थ्य कर्मियों से माफी मांगने की मांग रखी है।

इधर अस्पताल परिसर में तनाव बढऩे पर सिविल सर्जन ने तत्काल प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित किया, जिसके चलते एसडीएम सिंह मौके पर पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन देकर सभी को शांत कराया। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों द्वारा पूर्व में भी अनुचित व्यवहार किए जाने की शिकायतें की गई, पर कोई सुधार करने की बजाय डीन ही सीनियर स्टाफ के साथ उचित व्यवहार नहीं करते है।

इस अवसर पर जिला नर्सिंग यूनियन अध्यक्ष मंजूला बारी, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल एसोसिएशन जिलाध्यक्ष अनिल रघुवंशी, मेडिकल कॉलेज स्वास्थ्य कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष नवदीप उचारिया, उपाध्यक्ष निखिल वर्मा, सचिव आनंद नांदेकर समेत अन्य पदाधिकारी व सदस्य मौजूद थे।


सिम्स के कर्मचारियों की नहीं लगाई जा रही ड्यूटी -


मेडिकल कॉलेज में लैब असिस्टेंट, लैब अटेंडेंट, फार्मासिस्ट समेत अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती की गई है। इसके बावजूद नवनियुक्त कर्मचारियों की ड्यूटी नहीं लगाई जाती है। स्वास्थ्य कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि नवनियुक्त उक्त संवर्ग के कर्मचारी बिना कार्य किए वेतन पा रहे है, जबकि जिला अस्पताल का स्टाफ दिनरात सेवाएं दे रहा है।


यह है मामला -


नेत्र विभाग की ओटी (ऑपरेशन थिएटर) बंद होने की वजह डीन ने स्टाफ नर्स से पूछी, जिस पर नर्स ने कोरोना प्रोटोकाल और विभागीय निर्देश का हवाला दिया तथा ओटी का रंगरोगन और कल्चर टेस्ट लंबित होना बताया। इस बात से डीन डॉ. रामटेके आक्रोशित हो गए थे।


ओटी चालू कराना मेरा मकशद -


मरीजों का उपचार सुनिश्चित करने के लिए मेरे द्वारा नेत्र विभाग का राउंड लिया गया था तथा ओटी शुरू नहीं होने की वजह जानना चाही गई थी। साथ ही सभी विभाग के एचओडी के साथ चर्चा भी की गई। मेरा मकशद ओटी चालू कराना था, इससे अधिक कुछ और नहीं है।


- डॉ. जीबी रामटेके, डीन मेडिकल कॉलेज छिंदवाड़ा

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