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पंचायतों में ठप पड़े रोजगार मूलक कार्य

locationछिंदवाड़ाPublished: Nov 25, 2023 07:49:58 pm

Submitted by:

mantosh singh

दो माह चुनावी व्यस्तता से मनरेगा पर ब्रेक

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छिंदवाड़ा. विधानसभा चुनाव में पंचायत सचिव-रोजगार सहायक से लेकर जनपद पंचायत के अधिकारी-कर्मचारियों की व्यस्तता से मनरेगा योजना पिछले दो माह से ठप पड़ी हुई है। इससे मजदूरों को रोजगार भी नहीं मिल पाया है। जनपद से लेकर जिला पंचायत के अधिकारी स्वीकार कर रहे हैं। उनका दावा है कि एक माह में मनरेगा के हितग्राही मूलक कार्य पुन: जोर पकड़ लेंगे।

मनरेगा की अधिकारिक वेबसाइट के अनुसार छिंदवाड़ा जिले के अधीन पंचायतों में इस समय मजदूरी के 19.9 लाख रुपए तथा मटेरियल के 10.41 करोड़ रुपए बकाया है। इससे साफ है कि पंचायतों में खेत तालाब, शैलपर्ण, नाला सुधार, मेढ़ बंधान, सडक़ समेत काम नहीं हो पा रहे हैं। बीती 9 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद मनरेगा योजना देखनेवाले पंचायत सचिव और रोजगार सहायकों को चुनावी ड्यूटी में लगा दिया गया था।

चैक पोस्ट, एसएसटी, बूथों पर कैमरा संचालन, वाहन प्रभारी, मतदान केन्द्रों में मतदान कर्मचारियों के खान-पान व आवास से संबंधित दायित्व सौंपे गए। फिर आगे मतगणना में भी जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा जनपद पंचायत के कर्मचारियों को भी काम पर लगाया गया। इससे पंचायतों में मनरेगा कामकाज ठप हो गया है।

पंचायत सचिव खुद स्वीकार कर रहे हैं कि मनरेगा में आचार संहिता के पहले से भुगतान समस्या होने से कामकाज बंद पड़ा हुआ है। फिर दो महीने चुनाव संचालन में चले गए। अभी तीन दिसम्बर तक चुनाव परिणाम तक यही स्थिति बनी रहेगी।

अब तक 114 करोड़ रुपए मजदूरी पर खर्च
मनरेगा पोर्टल के अनुसार जिले की पंचायतों में अभी तक 181.89 करोड़ रुपए के इएफएमएस जारी हो चुके हैं। इनमें से 114.86 करोड़ रुपए मजदूरी और 57.12 करोड़ मटेरियल में व्यय होना बताया गया है। जिले में अभी 11 करोड़ रुपए का भुगतान होना शेष बताया गया है।

विधानसभा चुनाव से मनरेगा का काम प्रभावित रहा। अब पुन: उसे पंचायतों में रफ्तार देने की कोशिश की जा रही है। एक माह में सभी काम पुन: चालू हो जाएंगे।
-निशांत सिक्केवाल, परियोजना अधिकारी मनरेगा

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