Motivational Story: परिस्थिति विपरीत होने पर भी विकेश ने भरी कॅरियर की उड़ान

बनगांव के युवा ने आइटीआइ और प्रतियोगी परीक्षा से हासिल की नोट प्रेस में नौकरी

By: prabha shankar

Published: 23 Jun 2021, 10:49 AM IST

छिंदवाड़ा। जब आप विपरीत परिस्थितियों और सीमित संसाधन में धैर्य, समर्पण और आत्मविश्वास के साथ निरंतर परिश्रम करते हैं तो सफलता केवल औपचारिकता रह जाती है। यह चरितार्थ कर दिखाया बनगांव के रहने वाले विकेश साहू ने। मेहनत के दम पर आइटीआइ और प्रतियोगी परीक्षा पास कर बैंक नोट मुद्रणालय देवास में नौकरी हासिल की। उसके बाद परिवार के लिए टेंट हाउस भी खरीद लिया।
एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी में ठेका श्रमिक के पुत्र विकेश की राह आसान नहीं थी। पारिवारिक स्थिति के अनुकूल नहीं होने पर बारहवीं के बाद आइटीआइ की राह चुनी। पहले साइकिल से आइटीआइ तक 12 किमी तक सफर, फिर ट्यूशन और रात्रि व अवकाश के दिनों में टेंट हाउस में काम करते रहे।
आइटीआइ की परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने के बाद विकेश ने भोपाल में एक वर्ष की अप्रेंटिशिप की। उसके बाद प्रतियोगी परीक्षा से उनका चयन एक साथ रेलवे और वित्त मंत्रालय में हुआ। विकेश वर्तमान में भारत सरकार वित्त मंत्रालय के अधीन बैंक नोट मुद्रणालय देवास में कार्यरत हंै। उनका वेतन प्रतिमाह 70 हजार रुपए है। महत्वपूर्ण यह है कि जिस टेंट हाउस में विकेश में अपने संघर्ष के दिनों में काम किया, उसे खरीद लिया। यह परिवार उद्यमी बन टेंट हाउस संचालित करता है।

आइटीआइ के प्रशिक्षक ने बढ़ाया हौसला
संघर्ष के इस दौर में आइटीआइ के प्रशिक्षण अधिकारी नलिन तिवारी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ साथ मनोबल भी बढ़ाया और करियर के विषय में अत्यंत महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। तिवारी बताते हैं कि सहीं मार्गदर्शन में मेहनत की जाए तो परिस्थितियां बाधक नहीं बनती। विकेश विपरीत परिस्थितियों का सामना करने वाले छात्रों के लिए रोल मॉडल है।

prabha shankar
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned