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MP government: मोगली अभयारण पर मप्र शासन ने मांगा जवाब

मप्र शासन वन विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल से पत्र प्राप्त होने के उपरांत कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक से तीन दिन में जवाब मांगा है।

छिंदवाड़ा

Published: March 27, 2022 09:34:12 pm

छिंदवाड़ा. पेंच राष्ट्रीय उद्यान, पेंच मोगली अभयारण (पेंच टाइगर रिजर्व) के इको सेंसिटिव जोन के अंतर्गत संचालित अवैध औद्योगिक ईंट भ_ों को मप्र शासन ने संज्ञान में लेते हुए कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक से जवाब मांगा है। मप्र शासन वन विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल से पत्र प्राप्त होने के उपरांत कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक से तीन दिन में जवाब मांगा है।

छिंदवाड़ा निवासी कैप्टन ब्रजेश भारद्वाज ने पेंच राष्ट्रीय उद्यान, पेंच मोगली अभयारण (पेंच टाइगर रिजर्व) छिंदवाड़ा-सिवनी के इको सेंसिटिव जोन में अवैध तरीके से व्यवसायिक ईंट भटठों के संचालन के सम्बंध में ११ मार्च २०२२ को पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली, कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) भोपाल से एक शिकायत की थी। दरअसल इको सेंसिटिव जोन में संचालित ईंट भटठों से निकलने वाला धुआं पर्यावरण में वायु प्रदूषण को बढ़ाने के साथ ही भ_ों से निकलने वाले धुएं से मोगली अभयारण के वन्य प्राणियों को भी बड़ा नुकसान पहुंच रहा है। कैप्टन ब्रजेश भारद्वाज की शिकायत पर अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (व.प्रा.) कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) मप्र भोपाल ने गम्भीरता से लेते हुए क्षेत्र संचालक पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी को पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने उल्लेखित बिन्दुओं का निराकरण कर की गई कार्रवाई से आवेदक व इस कार्यालय को अवगत कराएं। आपसे आज दिनांक तक अपेक्षित है अत: प्रकरण में और अधिक विलंब न करते हुए की गई कार्रवाई का प्रतिवेदन इस कार्यालय को ३ दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से प्रेषित करें।

राजस्व विभाग नहीं दे रहा ध्यान
इको सेंसिटिव जोन में जिन स्थानों पर व्यवसायिक ईंट भटठों का संचालन किया जा रहा है वह भूमि राजस्व के अंतर्गत आती है। नियमानुसार राजस्व विभाग को कार्रवाई करनी चाहिए, किन्तु आज दिनांक तक ईंट भटठों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि राजस्व का अमला ईंट भटठों के संचालन पर रोक लगाने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है। जबकि नियमानुसार पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी-छिंदवाड़ा के १०८ गांव की सीमा क्षेत्र में इको सेंसिटिव जोन लागू है और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की अधिसूचना नई दिल्ली ६ नवम्बर २०१९ के प्रकाशित राजपत्र में उल्लेखित कानूनों के तहत व्यवसायिक ईट भटठों का संचालन नहीं किया जा सकता है। इस अधिसूचना के नियमों का अनुपालन करने के लिए राजस्व विभाग एवं वन विभाग को निगरानी समिति के अनुसार कार्रवाई करनी होगी। निगरानी समिति के अध्यक्ष जबलपुर कमिश्नर है एवं सदस्य सचिव क्षेत्र संचालक पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी है।

मप्र शासन ने लिया संज्ञान
पेंच टाइगर रिजर्व के इको सेंसिटिव जोन में संचालित व्यवसायिक ईंट भ_ों के मामले पर मप्र शासन ने संज्ञान लेते हुए तीन दिन में जवाब मांगा है।
-कैप्टन ब्रजेश भारद्वाज, शिकायकर्ता

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