Municipal corporation: मनमाना फरमान, निगम कर्मचारी त्रस्त, पता ढूंढने दो दिन का समय

सत्यापन करने के बाद निगम को फिर सौंपी 27 हजार राशन कार्डधारकों की सूची

By: prabha shankar

Published: 26 Aug 2020, 05:36 PM IST

छिंदवाड़ा/ शहर के राशन कार्डधारकों का सत्यापन करने के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग ने नए सिरे से फिर पुरानी सूची नगर निगम को सौंप दी है और दो दिन में उसका आधार सत्यापन दो दिन में पूरा करने का समय दिया है। इससे निगम के राजस्व कर्मचारियों में असंतोष है। उन्हें दोबारा पता ढूंढने में मशक्कत करनी पड़ रही हैं।
पिछले माह जुलाई से लगातार दूसरे माह अगस्त में एम राशन मित्र एप में चल रहे आधार सीडिंग का कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है और राशन कार्ड धारकों की पहचान पर संदेह बना हुआ है। इसके चलते अगस्त के प्रथम सप्ताह में निगम के कर्मचारियों को 19 सौ राशनकार्डधारकों के पता ढूंढने और आधार सीडिंग का काम सौंपा गया था। उसे कर्मचारियों ने 14 अगस्त की आधी रात को पूरा किया था और करीब 5 सौ कार्डधारकों को अपात्र घोषित कर इसकी सूची खाद्य आपूर्ति विभाग को वापस कर दी थी। इस जांच पड़ताल से फुर्सत होकर निगम के कर्मचारी चैन की सांस ले रहे थे कि एक दिन पहले खाद्य आपूर्ति विभाग ने दोबारा पहले की तुलना में ज्यादा 27 हजार 154 राशनकार्ड धारकों की सूची थमा दी और उनके पता ढूंढकर आधार की जांच करने की जिम्मेदारी सौंप दी।
इससे निगम के वार्ड मोहर्रिर से लेकर राजस्व कर्मचारी हड़बड़ा गए हैं। उन्हेें 27 अगस्त तक काम पूरा करने का अल्टीमेटम भी दिया गया है। निगम के राजस्व प्रभारी साजिद खान ने भी स्वीकार किया कि शहर के 27 हजार राशनकार्डधारकों के दोबारा आधार सत्यापन का दायित्व सौंपा गया है।

किसी में केवल वार्ड तो मौके पर कोई नहीं
शहर के इन राशनकार्डधारकों की जांच पड़ताल के लिए निगम के 48 वार्ड मोहर्रिर लगाए गए। इन मोहर्रिर को राशनकार्ड में दर्ज पता नहीं मिल रहा है तो मौके पर संबंधित कार्डधारी नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में वे कैसे परिवार के सदस्यों के आधार कार्ड खोजे और उनका दोबारा सत्यापन करे, यह गंभीर सवाल बन गया है।
जिन्हें अपात्र घोषित किया, उनके दोबारा नाम
निगम राजस्व कर्मचारियों को यह भी गुस्सा है कि पहली बार राशन कार्ड धारकों की सूची में उन्होंने जिन लोगों को अपात्र घोषित किया था, उनके नाम फिर दोबारा सूची में दे दिए गए हैं। उनका नाम तक खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी-कर्मचारी नहीं काट पाए हैं। उन्हें दोबारा उसका सत्यापन करने के लिए कह दिया गया है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी है।

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