नगर निगम: स्वच्छता में नम्बर वन आने ये देनी होगी अग्नि परीक्षा

एक हजार अंक का इम्तहान के लिए कभी भी आ सकती है जीएफसी की टीम

 

छिंदवाड़ा/स्वच्छता में नम्बर आने के लिए शहर को पहले कचरा मुक्त होने की अग्नि परीक्षा से गुजरना होगा। एक हजार अंक के इस इम्तहान के लिए जीएफसी की टीम कभी भी आ सकती है। इस पैरामीटर में पास होने के बाद निगम की मुश्किलें दूर नहीं होगी। फिर जनवरी में स्वच्छता सर्वेक्षण टीम नगर निगम के दावों का परीक्षण करेंगी। कुल मिलाकर निगम अधिकारी-कर्मचारियों के साथ शहरी नागरिकों के लिए ये दो माह मशक्कत भरे होंगे।
निगम की जानकारी के मुताबिक जीएफसी की टीम के सर्वेक्षण के लिए इस समय शहरी इलाकों के कचरा मुक्त होने की स्थिति की फोटो समेत अलग-अलग प्रपत्र भरे जा रहे हैं। निगम द्वारा एक हजार अंक के लिए फिलहाल फाइव स्टार रैंकिंग का दावा किया गया है। इस परीक्षा में पास होने के बाद निगम अधिकारी सेवन स्टार रैंकिंग के लिए दावेदारी करेंगे। यह अंक स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में बूस्टर का काम करेंगे। इसके लिए निगम की टीम ऑफिशियल रिकार्ड के अलावा मैदानी स्तर पर मेहनत कर रही है।
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ओडीएफ डबल प्लस के अंकों का इंतजार
निगम द्वारा ओडीएफ डबल प्लस के 500 अंकों की परीक्षा दी जा चुकी है। इसके रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार बना हुआ है। इस टीम द्वारा शहर के व्यक्तिगत शौचालयों के साथ 15 सार्वजनिक और 13 सामुदायिक शौचालय की व्यवस्था को देखा गया है। इसके अंक भी स्वच्छता सर्वेक्षण में काम आएंगे।
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प्लास्टिक कचरा कम,अब डिस्पोजल चुनौती
निगम द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक पर अभियान चलाने के बाद शहर के बाजारों में 50 माइक्रोन से कम थैलियों का उपयोग घटा है। इसका असर यह है कि निगम का प्रतिदिन कचरा सूचकांक 64 टन से घटकर 63 टन पर आया है। इनमें प्लास्टिक की हिस्सेदारी भी 2.5 टन से घटकर 2 टन से नीचे हो गई है। अब सार्वजनिक कार्यक्रम,चाय में उपयोग होने वाले डिस्पोजल चुनौती बने हुए हैं।
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स्वच्छता सर्वेक्षण में ये बाधाएं रोकती है कदम
1.स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 के अंतर्गत एप उपयोग आधारित रैंकिंग में छिंदवाड़ा देश में 163 वें स्थान पर है। इस 400 अंक के परफारमेंस को सुधारने के लिए ध्यान नहीं दिया जा रहा है। चार मानक उपयोगकर्ता संख्या,एप का उपयोग,संतुष्टि और एजेंसी का रिस्पांस पर पिछले साल की तरह उत्साह गायब है।
2.नगर निगम की जनसंख्या का औसत वर्तमान में 2.15 लाख है लेकिन इस एप में अभी भी नगरपालिका के जमाने की आबादी 138291 दिख रही है। जनसंख्या का रिकार्ड सुधारने के लिए कई बार पत्र लिखा जा चुका है।
3.शहर में साफ सुथरी सड़क और सार्वजनिक स्थल होने के बाद भी लोग गुटखा खाकर कहीं भी थूक रहे हैं। इस पर लोगों में जागरुकता नहीं आ रही है।
4.इंदौर समेत दूसरे टॉप शहरों का रिकार्ड अपडेशन की तैयारी बेहतर है। निगम का प्रदर्शन कमतर रहा है। इस पर ध्यान देने की जरूरत है।
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अब 26वीं रैंक से आगे का रखना होगा लक्ष्य
स्वच्छ सर्वेक्षण 2017 में छिन्दवाड़ा शहर में अखिल भारतीय स्तर पर 53वीं रैंक हासिल की थी। स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 में 4037 शहरों में 42वीं रैंक तथा स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 में कुल 4237 शहरों में 26वीं रैंक हासिल की हैं। अब शहर को 2020 में इससे आगे का लक्ष्य रखकर काम करना होगा।
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इनका कहना है...
स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में टॉप रैंकिंग हासिल करने के लिए निगम मैदानी और कार्यालयीन स्तर पर जी तोड़ मेहनत कर रहा है। आम नागरिकों को भी कचरा कलेक्शन में अपनी भागीदारी देनी होगी। पूर्व की कमियों को भी निगम दूर करने में लगा हैं।
-इच्छित गढ़पाले,आयुक्त नगर निगम।

manohar soni
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