इस बहुचर्चित हत्याकांड के आरोपी की सेंट्रल जेल में हत्या, पढ़ें पूरी खबर

धारदार हथियार से हत्या आरोपी का रेत दिया गला

By: Rajendra Sharma

Published: 11 Sep 2017, 08:27 PM IST

छिंदवाड़ा/नागपुर. देश के सेंट्रल जेलों में सुरक्षा कितनी ढीली है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बहुचर्चित कुश कटरिया हत्याकांड के मुख्य आरोपी आयुष पुगलिया की सोमवार सुबह हत्या कर दी गई। मामला सेंट्रल जेल नागपुर का है।
बताया जा रहा है कि आरोपी आयुष टॉयलेट के लिए गया था। तभी टॉयलेट के अंदर ही सूरज विशेषराव कोटनाते ने फर्शी से उस पर जानलेवा हमला कर दिया। इसके बाद सूरज ने धारदार हथियार से उसका गला रेत दिया। आरोपी सूरज ईसापुर राजुरा चंद्रपुर का निवासी है। आरोपी सूरज 302 के तहत सजा काट रहा है।
सूत्रों का कहना यह भी है कि जेल में आयुष और सूरज के बीच आए दिन विवाद होता था। आयुष बार-बार सूरज को धमकी दिया करता था। सूरज ने सोमवार को मौका पाकर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद से ही जेल के बाहर गहमागहमी का माहौल है।

यह है मामला

नागपुर के वर्धमान नगर निवासी उद्योगपति प्रशांत कटारिया के 5 साल के बेटे कुश का उनके ही पड़ोस में रहने वाले आयुष निर्मल पुगलिया ने 11 अक्टूबर 2011 को किडनैप किया था। आयुष गर्लफ्रेंड के शौक पूरे नहीं कर पा रहा था और उसे पैसों की जरूरत थी। इसलिए उसने कुश को किडनैप करने का प्लान बनाया। कुश को किडनैप करने के बाद आयुष पुगलिया ने कटारिया से दो करोड़ की फिरौती मांगी थी, लेकिन फिरौती मिलने से पहले ही उसने बड़ी निर्ममता से कुश की हत्या कर दी।

तिहरी उम्रकैद की सजा

नागपुर जिला कोर्ट ने आयुष को किडनैपिंग और हत्या के आरोप में तिहरी उम्रकैद की सजा सुनाई थी। उसे दो उम्रकैद की सजाएं एक साथ और इनकी समाप्ति के बाद तीसरी उम्रकैद की सजा काटनी थी। आयुष के भाई नवीन को सबूत नष्ट करने के लिए दोषी करार देते हुए कारावास की सजा सुनाई थी। वहीं दूसरे भाई नितिन को निर्दोष करार देते हुए बरी किया गया था। आरोपी आयुष ने जिला कोर्ट के इस फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट के सामने अपील दायर की थी, लेकिन कोर्ट ने वह खारिज कर दी थी।

Rajendra Sharma Desk
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