प्यास से तड़प-तड़प कर मर गई मेरी मां...युवती ने लगाए गंभीर आरोप, जानें वजह

- वीडियो वायरल कर व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल

By: Dinesh Sahu

Updated: 07 Sep 2020, 12:09 PM IST

छिंदवाड़ा/ जिला अस्पताल के आइसीयू वार्ड में भर्ती मेरी मां कोरोना संक्र्रमण से ज्यादा पानी की प्यास से तड़प-तड़प कर मर गई। पीने के पानी के लिए मां रात भर डॉक्टर-नर्स पुकारते रही, पर किसी ने मदद नहीं की। इतना नहीं मामले की सूचना सिविल सर्जन को दी गई तो उन्होंने भी सिर्फ मदद का आश्वासन दिया। यह कहना है कोविड-19 वार्ड में भर्ती संक्रमित युवती का, उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी व्यथा बताई तथा प्रबंधन तथा डॉक्टरों पर कई गंभीर आरोप लगाए।

वायरल वीडियो में युवती ने बताया कि वह 31 अगस्त 2020 को कोरोना पॉजिटिव आई थी तथा माता-पिता भी संक्रमित होने पर जिला अस्पताल में भर्ती किए गए थे। पुलिस लाइन छिंदवाड़ा क्षेत्र की निवासी महिला कुछ दिन भर्ती रहने के बाद 4 सितम्बर 2020 को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। युवती ने बताया मौत से पहले मां रात 3.30 बजे पानी के लिए गुहार लगाती रही, लेकिन वहां कोई नर्स या डॉक्टर मौजूद नहीं था।

किसी तरह मां ने मुझे फोन समस्या बताई तो मैने सिविल सर्जन डॉ. गोगिया को उसी समय फोन लगाया, जिनके आश्वासन के बाद भी कोई मदद मां नहीं मिली। इस वजह से मेरी मां ने प्यास से तड़प-तड़प कर अपनी जान दे दी, जिसके जिम्मेदार डॉक्टर और अधिकारी है।


वेंटीलेटर का ऑक्सीजन पाइप भी नहीं लगाया -


आइसीसीयू वार्ड में पिता भर्ती किए गए थे तथा एक अन्य मरीज को वेंटीलेटर पर रखा गया था, जिसका ऑक्सीजन पाइप निकल गया था। पिता ने वार्ड में मौजूद व्यक्ति को मदद करने के लिए कहा, पर उसने भी कोई मदद नहीं की तथा उल्टा उन्हें ही पाइप लगाने का बोल दिया। पिता मेडिकल मामलों की जानकारी नहीं रखते है, जिससे वे मदद नहीं कर सके और सम्बंधित मरीज ने दम तोड़ दिया।


खामियों को सुधार करने का प्रयास किया जाएगा -


वीडियो हमने देखा है, जिसमें जो शिकायतें बताई गई है उसकी जांच कराई जाएगी तथा जो भी खामियां मिलेगी उसमे सुधार करने का प्रयास किया जाएगा।


- अतुल सिंह, एसडीएम

मामले की जांच कराई जाएगी -


वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच कराई जाएगी, जिसमें दोषी पाए जाने पर सम्बंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।


- सौरभ कुमार सुमन, कलेक्टर छिंदवाड़ा

इंचार्ज नर्स को कहा था -


मामले में मुझे रात में फोन आया था, जिसके तुरंत बाद इंचार्ज नर्स को पानी पिलाने का बोला गया था तथा उनके द्वारा पानी भी पिलावा दिया गया था। वहीं युवती के पिता आइसीयू वार्ड में भर्ती नहीं थे, तो वेंटीलेटर वाले मामले में लगाए गए आरोप गलत है। इसके बावजूद मामले को जांच में लिया गया है।


- डॉ. पी. कौर गोगिया, सिविल सर्जन छिंदवाड़ा

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