NEET EXAM: नीट की परीक्षा देकर वापस लौटे परीक्षार्थियों ने कही यह बड़ी बात

सुविधा नहीं मिलती तो शायद वह परीक्षा केन्द्र तक नहीं पहुंच पाते।

By: ashish mishra

Published: 15 Sep 2020, 02:27 PM IST


छिंदवाड़ा. कोटा, इंदौर, भोपाल सहित अन्य परीक्षा केन्द्रों से नीट की परीक्षा देकर सोमवार को पालकों के साथ परीक्षार्थी वापस छिंदवाड़ा अपने घर लौट आए। परीक्षार्थियों के चेहरे पर खुशी दिखी। उनका कहना था कि शासन ने उन्हें आने-जाने के लिए निशुल्क वाहन की सुविधा देकर उनके सपनों को पंख लगा दिया। अगर सुविधा नहीं मिलती तो शायद वह परीक्षा केन्द्र तक नहीं पहुंच पाते। हालांकि कुछ परीक्षार्थियों ने अव्यवस्था की भी शिकायत की। परीक्षार्थियों का कहना था कि वाहनों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हुआ। इसके अलावा वाहन चालकों ने उन्हें परीक्षा केन्द्र तक नहीं छोड़ा। जिससे उन्हेंं दिक्कत हुई। गौरतलब है कि 13 सितंबर को नीट परीक्षा के लिए भोपाल, जबलपुर, इंदौर, ग्वालियर, कोटा सहित अन्य जगहों पर परीक्षा केन्द्र बनाया गया था। कोरोना महामारी में वाहन की सुविधा न होने के कारण परीक्षार्थियों ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई थी। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने प्रशासन को परीक्षार्थियों को परीक्षा केन्द्र तक भेजने और वापस घर लाने के लिए निशुल्क वाहन सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। जिले के सौंसर, पांढुर्ना, चौरई, अमरवाड़ा, छिंदवाड़ा सहित अन्य जगहों से नीट की परीक्षा देने 554 परीक्षार्थी अपने पालकों के साथ निशुल्क वाहन सुविधा से भोपाल, जबलपुर, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और कोटा सहित अन्य परीक्षा केन्द्र पहुंचे।

36 वाहन से 991 लोग किए गए थे रवाना
नीट परीक्षा के लिए अधिकतर परीक्षार्थियों के साथ पालक भी साथ गए थे। प्रशासन ने सभी के लिए निशुल्क वाहन सुविधा उपलब्ध कराई। जिले के विभिन्न जगहों से 36 वाहन(बस एवं कार) में 554 परीक्षार्थी एवं 437 पालकों को विभिन्न जिलों के परीक्षा केन्द्र भेजा गया था।

इनका कहना है...

मुख्यमंत्री ने निशुल्क वाहन सुविधा उपलब्ध कराकर हमारे सपनों को पंख लगा दिया। नीट का परीक्षा अच्छे से संपन्न हो गया। पेपर अच्छा हुआ है।
हरीश बेलवंशी, परीक्षार्थी
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नीट परीक्षा के लिए परीक्षा केन्द्र कोटा था। समझ में नहीं आ रहा था कि कैसे जाएंगे, लेकिन निशुल्क वाहन सुविधा मिलने से मुश्किल हल हो गई।
निधि साहू, परीक्षार्थी
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बेटी को परीक्षा दिलाने कोटा गई थी। प्रशासन ने निशुल्क वाहन सुविधा उपलब्ध कराया, इसके लिए उन्हें धन्यवाद देना चाहूंगी।
उर्मिला साहू, पालक

ashish mishra Desk
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