मुख्यमंत्री इसी ऊबड़-खाबड और गड्ढ़ों से भरे मैदान के भरोसे मैडल की रखते हैं चाह, देखें वीडियो

Prabha Shankar Giri

Updated: 01 Jul 2019, 11:09:01 AM (IST)

Chhindwara, Chhindwara, Madhya Pradesh, India

छिंदवाड़ा. शौचालय से आती बदबू, ऊबड़-खाबड़ ट्रैक और गड्ढ़ों से भरा हुआ मैदान। यह पहचान बन चुकी है हमारे ओलम्पिक स्टेडियम की। हैरानी की बात यह है कि जिस मैदान पर खिलाड़ी खेलते हैं उसके रखरखाव तक का भी ध्यान पांच वर्षों से नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में मैदान अपनी स्थिति खुद बयां कर रहा है।

पांच साल से नहीं पड़ी कापू मिट्टी
ओलम्पिक स्टेडियम में पांच वर्षों से कापू मिट्टी भी नहीं डाली गई है और न ही यहां यूरिया का छिडक़ाव हो रहा है। दरअसल कापू मिट्टी पेंच एरिया से मंगाई जाती है जो मैदान को हरा-भरा रखने में मददगार है। खेल से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार पांच वर्ष पहले तक ओलम्पिक स्टेडियम में नियम के अनुसार हर साल कापू मिट्टी एवं हफ्ते में एक से दो दिन यूरिया का छिडक़ाव होता था। इससे मैदान समतल भी रहता था और घास भी हरी-भरी रहती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं किया जा रहा है। ऐसे में मैदान में जगह-जगह गड्ढ़े हो गए हैं औ घास भी सूख रही है।

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