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छिंदवाड़ा

New law: दंड के बजाए अब न्याय पर होगा फोकस, बढ़ेगा आमजन का विश्वास

– नए कानून पर पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री ने की पत्रिका से बातचीत

छिंदवाड़ाJul 03, 2024 / 10:52 am

prabha shankar

नए कानून को लेकर पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री से जितेंद्र सिंह राजपूत ने सीधी बात की।

नए कानून को लेकर पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री से जितेंद्र सिंह राजपूत ने सीधी बात की।

एक जुलाई से नवीन आपराधिक अधिनियम 2023 लागू हो चुका है। अब अंग्रेजों के समय के कानून को खत्म कर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 को शामिल किया गया है। पुलिस ने नए कानून पर कार्य करना शुरू कर दिया है। अब पुलिस का दंड के बजाए न्याय पर ज्यादा फोकस रहेगा। नए कानून बनने से न्याय मिलने की समय सीमा अब तय हो जाएगी। नए कानून पर लोगों का विश्वास बढ़ेगा जिसे प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाने के कार्य में पुलिस जुट गई है। नए कानून को लेकर पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री ने पत्रिका से सीधी बात की तथा लोगों की नवीन कानून के प्रति जिज्ञासा के प्रश्नों का सीधा जवाब दिया।

प्रश्न- पूर्व के कानून और नए कानून में किस तरह का अंतर है?
उत्तर- पुराने कानून में 511 धाराएं थीं जो अब नए कानून में 358 हो गई हैं। जिन धाराओं में असमंजस की स्थिति थी उनको नवीन कानून में विस्तृत किया गया है।

प्रश्न- बदलाव का क्या फायदा प्रार्थी को होगा, क्या न्याय जल्द मिलेगा।
उत्तर- नए कानून के तहत 60 दिन के अंदर चालान पेश होगा। न्यायालय 45 दिन में फैसला सुनाएगी। फरार आरोपी अगर 90 दिन में न्यायालय में पेश नहीं होगा तो सुनवाई पूरी कर सजा तय हो जाएगी। पेशी स्थगन भी दो बार ही हो पाएगा।

प्रश्न- पुलिस की कार्य करने की शैली में कुछ परिवर्तन आएगा क्या?
उत्तर- वारंट न्यायालय से थानों तक पहुंचने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन हो गई है। शून्य पर एफआईआर किसी भी थाने में दर्ज कराने के बाद वह ऑनलाइन संबंधित थाने में पहुंच जाएगी।

प्रश्न – क्या नए कानून में पुलिस की जांच भी बदलेगी।
उत्तर- नए कानून के तहत अब पुलिस डिजिटल साक्ष्य पर ज्यादा काम करेगी। केस की जांच के दौरान फोटोग्राफी व वीडियो ग्राफी की जाएगी। चालान की कॉपी पेन ड्राइव व सीडी में दी जाएगी। प्रार्थी को उसके केस के संबंध में अपडेट जानकारी मेल, वॉटसऐप से दी जाएगी।

प्रश्न- नए कानून को जन-जन तक पहुंचाने के लिए क्या प्रयास होंगे।
उत्तर- नवीन कानून के बारे में पुलिस हर स्तर पर उसकी उपयोगिता व जानकारी पहुंचाने में जुट गई है। थाना स्तर पर कार्यक्रम के बाद अब स्कूल, कॉलेज में कार्यक्रम आयोजित होंगे। ग्राम मोहल्लों में जागरूकता कार्यक्रम तथा पोस्टरों के माध्यम से लोगों तक जानकारी पहुंचाई जाएगी।

प्रश्न- महिला व बच्चों से संबंधित अपराध को लेकर कुछ नया है क्या?
उत्तर- नए कानून में महिला व बच्चों से संबंधित अपराधों का अलग अध्याय बनाया गया है। दुष्कर्म पीडि़ता के बयान महिला मजिस्ट्रेट दर्ज करेगी। छोटे अपराधों में सामुदायिक सेवा का प्रावधान जोड़ा गया है। गवाह संरक्षण को लेकर प्रावधान किया गया है। आतंकवादी कृत्य को विस्तृत कर आर्थिक सुरक्षा (नकली नोट) को जोड़ा गया है।

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