नोटबंदी का असर : जमीन की खरीद-फरोख्त बंद

नोटबंदी का असर : जमीन की खरीद-फरोख्त बंद
chhindwara

Prashant Sahare | Publish: Dec, 22 2016 11:55:00 PM (IST) Chhindwara, Madhya Pradesh, India

 हर माह लाखों रुपए का लेनदेन जमीन की खरीद फरोख्त के लिए होता है, लेकिन वह पिछले माह से सूना पड़ा हुआ है। इस सूनेपन की वजह से अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीर उभर आई है। अधिकारियों की चिंता लक्ष्य को पूरा करने की है।

छिदंवाड़ा (पांढुर्ना). लोगों के पास रुपए नहीं होने से अब इसका असर सरकारी कामकाज पर भी पड़ रहा है। इसका जीता जागता उदाहरण उप पंजीयक कार्यालय है। जहां पर हर माह लाखों रुपए का लेनदेन जमीन की खरीद फरोख्त के लिए होता है, लेकिन वह पिछले माह से सूना पड़ा हुआ है। इस सूनेपन की वजह से अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीर उभर आई है। अधिकारियों की चिंता लक्ष्य को पूरा करने की है। 

हालांकि अधिकारियों को मार्च क्लोजिंग तक लक्ष्य के करीब जाने की पूरी उम्मीद है। नोटबंदी का असर है कि लोगों ने अपने लेनदेन को रोककर रखा हुआ है या फिर काली कमाई उजागर न हो जाए इस डर से हाथ पीछे खींच लिए हंै। सौदे नहीं होने से स्टाम्प वेंडरों के काम भी ठण्डे पड़े हुए हैं। लाइसेंस लेकर अब स्टाम्प वेंडर रजिस्ट्रियों को छोड़कर छोटे-मोटे काम निपटाने में समय काट रहे हैं।

साढ़े 9 करोड़ का लक्ष्य कैसे होगा पूरा
रजिस्ट्रियां नहीं होने से उप पंजीयक कार्यालय में प्राप्त लक्ष्य 9 करोड़ 30 लाख को कैसे पुरा होगा। उप पंजीयक अधिकारी जीएल देशभरतार का कहना है कि अब तक मात्र 3 करोड़ 52 लाख रुपए की रजिस्ट्रयां ही हुई है। यह लक्ष्य कम से कम 50 प्रतिशत होता तो मार्च तक आधा लक्ष्य हासिल कर लेते, लेकिन यह तो 40 प्रतिशत भी नहीं है।

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