हम्मालों के लिए शासन का यह नियम बना सिरदर्द

हम्मालों के लिए शासन का यह नियम बना सिरदर्द

Rajendra Sharma | Publish: Sep, 09 2018 05:29:55 PM (IST) Chhindwara, Madhya Pradesh, India

दोनों मंडियों को मिलकार एक हजार से ज्यादा श्रमिक हैं उनमें से अब तक लगभग 250 लाइसेंस ही ऑनलाइन रिन्यूअल हुए हैं।

ऑनलाइन पंजीयन करना अनिवार्य हुआ
एक हजार में से 250 के लाइसेंस रिन्यू
छिंदवाड़ा. कृषि उपज मंडी और सब्जी मंडी में काम करने वाले श्रमिकों को अपना पंजीयन कराने के लिए ऑनलाइन ही पूरी प्रक्रिया करना होगी। पहले पंजीयन स्थानीय मंडी कार्यालय से ही हो जाता था और यहीं से कार्ड जारी हो जाते थे, लेकिन अब सरकार ने बदलाव करते हुए यह काम ऑनलाइन कर दिया। मंडियों में काम कर रहे हम्मालों और तुलावटियों को इसकी जानकारी दो महीने पहले ही दी जा चुकी है, लेकिन उन्हें इस ओर ध्यान नहीं दिया अब जब दूसरे कामों में यह लाइसेंस लग रहा हैं तो वे दौड़ भाग कर रहे हैं। दरअसल, दोनों मंडियों को मिलकार एक हजार से ज्यादा श्रमिक हैं उनमें से अब तक लगभग 250 लाइसेंस ही ऑनलाइन रिन्यूअल हुए हैं।

व्यावहारिक परेशानी

हालांकि ऑनलाइन पंजीयन कराने में व्यवहारिक परेशानियां भी श्रमिकों को आ रहीं हैं। श्रमिकों का कहना है कि नई प्रक्रिया में पुलिस वेरीफिकिशन रिपोर्ट मांगी गई है। दूसरा ऑनलाइन पंजीयन कराने उन्हें ऑनलाइन सेंटरों पर जाना होगा। सुबह से वे मंडी में काम पर लग जाते हैं। उनका कहना है कि कई श्रमिक शिक्षित भी नहीं है उन्हें दिक्कतें आ रहीं हैं। श्रमिकों ने मंडी सचिव से कहा है कि यदि मंडी परिसर में ही पंजीयन की व्यवस्था हो जाए तो ठीक रहेगा।

इस महीने तक कराना ही है पंजीयन

मंडी बोर्ड ने सितम्बर तक सभी श्रमिकों को पंजीयन कराने के लिए कहा है। एेसा नहीं होता है तो सरकार की विभिन्न योजनाओं में मिलने वाले लाभ से वे वंचित रह सकते हैं। मंडी प्रबंधन का कहना है कि भोपाल से जो आदेश आए हैं उसी के अनुसार श्रमिकों को जानकारी देकर औपचारिकता पूरी करने को कहा जा रहा है। चूंकि ऑनलाइन ही पूरी प्रक्रिया होनी है स्थानीय स्तर से कुछ भी हस्तक्षेप नहीं कर सकते हैं।

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