Order Disobeyed: फीस की जानकारी साझा करने से कतरा रहे स्कूल

एजुकेशन पोर्टल पर करनी थी अपलोड

By: prabha shankar

Published: 11 Oct 2021, 10:25 AM IST

छिंदवाड़ा। बीते वर्ष कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के दौरान न तो स्कूल लगे और न ही भौतिक रूप से पढ़ाई हुई, लेकिन फीस तो ली गई। भले ही यह फीस ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर ली गई हो या फि र अगली कक्षा में पदोन्नत करने के नाम पर। यह मामला सरकार से लेकर जबलपुर हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के निर्णय पर अपनी मुहर लगाते हुए निजी स्कूलों द्वारा ली गई फीस की जानकारी को एजुकेशन पोर्टल पर सार्वजनिक करने के आदेश दिए। लेकिन अभी तक जिले के 208 निजी स्कूलों ने यह जानकारी साझा नहीं की है।
हालांकि प्रदेश में अन्य जिलों की तुलना में छिंदवाड़ा जिले की स्थिति बेहतर क्योंकि जिले के 632 में से 424 निजी स्कूलों ने पोर्टल पर जानकारी अपलोड कर दी है।

जुन्नारदेव विकासखंड इसे लेकर फिसड्डी रह गया। जबकि जबकि पांढुर्ना और बिछुआ के शत प्रतिशत स्कूलों ने जानकारी दे दी है। उल्लेखनीय है कि बीते साल के पूर्व तक मान्यता वाले 588 विद्यालय हैं। जबकि अन्य 44 विद्यालय अनुदान प्राप्त एवं नई मान्यता वाल। इनके लिए भी फीस की जानकारी सार्वजनिक करना अनिवार्य है।


शिक्षा पोर्टल पर 2020-21 की शुल्क सम्बंधी जानकारी निजी स्कूलों द्वारा अपलोड की जानी है। 424 स्कूलों ने ही अब तक जानकारी अपलोड की है। जिला शिक्षा विभाग एवं बीइओ कार्यालय सतत इस कार्य को करवाने के लिए प्रयासरत हैं। सभी निजी विद्यालयों को हर हाल में जानकारी अपलोड करनी ही है।
अरविंद चौरगड़े, जिला शिक्षा अधिकारी

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