अभिभावकों को लगाने पड़ रहे स्कूलों के चक्कर

प्राथमिक शालाओं के शुरू होते ही ऑटो चालकों की पूछ परख बढ़ गयी है। शासन की गाइड लाइन के अनुसार अभी ऑटो सीमित संख्या में विद्यार्थियों को ले जा सकते हैं। ऑटो का भाड़ा दोगुना हो गया है। इसे आम आदमी वहन नहीं कर पा रहा है। पालकों को मजबूरी में रोजाना दो बार स्कू ल के चक्कर काटने पड़ रहे है।

By: Rahul sharma

Published: 24 Sep 2021, 11:51 AM IST

छिन्दवाड़ा/पांढुर्ना. प्राथमिक शालाओं के शुरू होते ही ऑटो चालकों की पूछ परख बढ़ गयी है। शासन की गाइड लाइन के अनुसार अभी ऑटो सीमित संख्या में विद्यार्थियों को ले जा सकते हैं। ऑटो का भाड़ा दोगुना हो गया है। इसे आम आदमी वहन नहीं कर पा रहा है। पालकों को मजबूरी में रोजाना दो बार स्कू ल के चक्कर काटने पड़ रहे है। शंंकर नगर से 750 रुपए व सांवरगांव से एक हजार रुपए तक एक माह का किराया वसूला जा रहा है। ऑटो चालकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन नियमों को लेकर सख्त है। प्रबंधको ने बैठक कर गाइडलाइन का पालन करने के लिए कहा है। यदि हम अधिक संख्या में बच्चे लेकर जाएंगे तो हमारी शिकायत होगी इसलिए हमें भाड़ा बढ़ाकर ही लेना होगा। इधर पालकों का कहना है कि सुबह से शाम तक ड्यूटी करनी है । इस बीच छोडऩे और लाने जाना भी समस्या बन गया है।

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