जीवन जीने की कला जानकर खुशी से चमके चेहरे

तनावमुक्त और स्वस्थ मन व्यक्ति को काफी क्रियाशील बनाता है और नई सोच को विकसित करता है।

By: ashish mishra

Published: 15 Jan 2018, 06:10 PM IST


छिंदवाड़ा. तनावमुक्त और स्वस्थ मन व्यक्ति को काफी क्रियाशील बनाता है और नई सोच को विकसित करता है। तनावभरा जीवन कई परेशानियों को जन्म देता है। नव चेतना को जागृत कर, ध्यान और ज्ञान के माध्यम से इस पर नियंत्रण किया जा सकता है। इसके लिए ऑर्ट ऑफ लिविंग, जिला प्रशासन और पत्रिका के संयुक्त प्रयास से १० से १२ जनवरी तक दोपहर २.३० से शाम ४ बजे तक ओलंपिक स्टेडियम में निशुल्क ‘बाल चेतना नव चेतना’ शिविर का आयोजन किया जा रहा है। परीक्षा के समय बच्चों को तनाव से बचने तथा हंसी-खुशी जीवन जीने की कला आर्ट ऑफ लिविंग की अंतरराष्ट्रीय टीचर श्रेया चुघ तथा टीवी कलाकार पल्लवी दत्त द्वारा सीखाया जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा पूजन तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। मंच का संचालन मनोज सोनी ने किया। कार्यक्रम में संकल्प सोसायटी व दर्जनभर स्कूलों का सहयोग भी प्राप्त हो रहा है।

ये अतिथि रहे मौजूद
कार्यक्रम में विधायक चौधरी चंद्रभान सिंह, महापौर कांता सदारंग, निगमाध्यक्ष धर्मेंद्र मिगलानी, निगम आयुक्त इच्छित गढ़पाले, सहायक आयुक्त मोनिका पारधी, एसडीएम राजेश शाही, भाजयुमो अध्यक्ष अंकुर शुक्ला, गल्र्स कॉलेज प्राचार्य पीआर चंदेलकर, शिक्षा विभाग के अधिकारी-शिक्षक सहित आर्ट ऑफ लिविंग से डॉ. रंजना टांडेकर, सुरेश पवार, लवली चड्डा, ममता मोहबे, नंदकिशोर तिवारी, सुचित्रा राठी, पूनम गुप्ता, आनंद मूले, फैमली जोन से रवि हरजानी सहित अन्य मौजूद रहे।

यह भी रहे आकर्षण का केन्द्र
कोशिश सबकी यारा, भारत हो स्वच्छ हमारा...
कार्यक्रम के दौरान नगर के वार्डों से कचरा एकत्रित करते तथा सफाई का संदेश देते वाहनों में बजने वाला गीत ‘कोशिश सबकी यारा, भारत हो स्वच्छ हमारा’ पर ऑर्ट ऑफ लिविंग टीचर, टीवी कलाकार, महापौर, निगम उपायुक्त, श्वेता चड्डा सहित मैदान में मौजूद बच्चे झूम उठे तथा स्वच्छता का संकल्प लिया।

मराठी गीत की धून पर टिप्स
बच्चों को तनाव से मुक्त रहने के लिए श्रेया चुघ, पल्लवी दत्त तथा श्वेता चड्डा ने संयुक्त रूप से मराठी गीत की धून पर आर्ट ऑफ लिविंग के गुर सिखाएं तथा ध्यान और व्यायाम की प्रक्रिया बताई आर्ट ऑफ लिविंग के माध्यम से छात्रों को तनावमुक्त जीवन जीने के लिए खेल-खेल में विधियां सिखार्इं गर्इं। इस दौरान अपने साथी के साथ कैसा व्यवहार रखें तथा एक समूह में कैसे रहकर तनावमुक्त, चिंता मुक्त व अनुकूल जीवन जीनें की कला बताई गई।

ashish mishra Desk
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