सौंसर में किसानों का शांतिपूर्ण आंदोलन

घेरा डालो डेरा डालो

By: mantosh singh

Published: 11 Dec 2017, 12:59 PM IST

सौंसर. किसानों की समस्या पर मप्र किसान संघ सोमवार सुबह से घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन कर रहा है। आंदोलन स्थल पर दोपहर एक बजे तक लोगों के आने का सिलसिला जारी था। ज्ञात हो कि प्रशासन के आंदोलन के लिए अनुमति नहीं देने पर गत दिवस आंदोलन के संबंध में विशेष बैठक लेकर आंदोलन के स्वरूप में बदलाव किया।्र

मप्र किसान संघ द्वारा शनिवार को नगर के एक निजी लॉन में पूर्व विधायक अजय चौरे एवं किसान संगठन के सदस्यों की उपस्थिति में निर्णय हुआ कि लॉन में किसान सभा का आयोजन होगा। आंदोलन को लेकर बनाई गई 15 सदस्यीय समिति ने सभा के पश्चात प्रशासन से चर्चा कर जन समस्याओं का हल निकाला जाएगा।

आंदोलन को लेकर सबसे पहले किसान सभा हो रही है। सभा के पश्चात प्रतिनिधि मंडल अधिकारियों से चर्चा करेेंगे। घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन के 25 मांगों को लेकर पूर्व विधायक अजय चौरे ने किसानों सहित क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं के निराकरण के लिए अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने आह्वान किया है।

घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट दिखाई दे रहा है। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन ने आंदोलन को गंभीरता से लिया है। जिसको लेकर जिला कलेक्टर, पुलिस कप्तान सहित स्थानीय प्रशासन आंदोलनकारी संगठन से निरंतर सम्पर्क में बनाए हुए हैं। एसडीएम डीएन सिंह ने बताया कि कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए आंदोलन को अनुमति नहीं दी है। भारी संख्या में पुलिस बल भी बुलाया गया है।

 

अंचल में हो रहे बोरी बंधान
जुन्नारदेव. ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति उपली में भुजलिया घाट पर विकासखंड समन्वयक संजय बामने, मप्र जन अभियान परिषद की उपस्थिति में परामर्शदाता दीपा महोबे के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायत सरपंच रामपुरी इवनाती, पंच रतनलाल यादव, किशोर आम्रवंशी, गुरुप्रसाद आम्रवंशी, लक्ष्मी यादव, शकुन खरे एवं समिति सदस्य सामुदायिक नेतृत्व कर्ता छात्र-छात्राएं तथा ग्रामीणों ने ग्राम में बोरी बंधान किया। इससे पशु-पक्षियों तथा मवेशियों को पीने के पानी एवं निस्तारी पानी के लिए तथा घाट के आसपास के किसानों को रबी फसलों के सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो सकेगा एवं ग्राम के जल स्त्रोत का जलस्तर बढ़ेगा। स्थानीय संसाधनों मिट्टी, मुरम, पत्थर बोरियों में भरकर श्रमदान करते हुए जल संरक्षण के लिए 78 बोरियों का बोरी बंधान कार्य किया गया।

mantosh singh Editorial Incharge
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