Corona virus: कोरोना वायरस के कारण हजारों किलोमीटर पैदल चल रहे लोग

आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा शहर से पैदल चलते हुए नागपुर पहुंचे। कुछ आराम करने के बाद यहां से फिर चले और छिंदवाड़ा पहुंचे।

छिंदवाड़ा. आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा शहर से पैदल चलते हुए नागपुर पहुंचे। कुछ आराम करने के बाद यहां से फिर चले और छिंदवाड़ा पहुंचे। कुछ नागपुर से पैदल चलकर भी आए हैं। आंध्र प्रदेश के शहर विजयवाड़ा, हैदराबाद, गुजरात के शहर अहमदाबाद और महाराष्ट्र के नागपुर अमरावती सहित अन्य शहरों से गुरुवार को सौ लोग छिंदवाड़ा पहुंचे। दस, पंद्रह और बीस की संख्या में लोग अलग-अलग टुकड़ों में थे। सभी का ईएलसी चौक पर मेडिकल कराया गया है।

पुलिस को सूचना मिली कि बड़ी संख्या में लोग महाराष्ट्र के रास्ते जिला मुख्यालय की तरफ पहुंच रहे हैं। जानकारी मिलते ही अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सुनील कुमार शुक्ला और ट्रैफिक डीएसपी सुदेश कुमार सिंह ईएलसी चौक पहुंचे। समूह में आ रहे सभी लोगों को रोका और उसने पूछताछ की तो किसी ने बताया कि काम करने के लिए गए थे। किसी ने बताया पढ़ाई। जब उनसे पूछा गया कि आवागमन के साधन तो पूरी तरह से बंद है फिर वे लोग यहां तक कैसे पहुंचे तो सामने आया कि कोई पैदल चलकर आया है तो किसी ने लिफ्ट ली। समूह में कुछ ऐसे लोग भी थे जो आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा शहर से पैदल चलकर नागपुर तक आए थे और वहां आराम करने के बाद फिर पैदल चलते हुए छिंदवाड़ा पहुंच गए। इसी तरह और भी लोग थे जो अन्य शहरों से कुछ दूरी पैदल चले और आराम करते हुए अपने शहर तक पहुंचे।

इन शहरों से आए लोग
महाराष्ट्र के नागपुर, अमरावती, आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा और उससे लगे शहरों से आए हैं। तेलंगाना के वारंगल और गुजरात राज्य के अहमदाबाद शहर से लौटे हैं जो जिले के अमरवाड़ा, बिजौरी और सिंगोड़ी सहित अन्य गांव के रहने वाले हैं। मेडिकल जांच के बाद सभी का पूरा पता लिखा है। घर में परिवार के सदस्यों से कम से कम दस दिनों तक अलग रहने की सलाह दी। किसी भी तरह की परेशानी होने पर टोल फ्री नम्बरों पर सम्पर्क करने की सलाह दी। सौ लोगों को दो सेनेटाइज बसों से घर तक पहुंचाया गया। ईएलसी चौक से ही सभी को बसों में बिठाया गया। बस के चालक को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित घर पहुंचाने के बाद ही लौटें।
भोजन के पैकेट दिए
शहर बंद नहीं थे कोई इंतजाम
बाहर से आए लोगों ने पुलिस की पूछताछ करने पर बताया कि जहां वे काम करते हैं वह शहर पूरी तरह से बंद हो चुका है। काम भी बंद कर दिए गए हैं। खाने-पीने का कोई इंतजाम नहीं था। परिवार और परिचितों का कोई साथ नहीं। आगे क्या स्थिति होगी इसका भी पता नहीं था जिसके चलते वे लोग किसी तरह अपने घर लौटें है। जब तक उन्हें पता चला तब तक सभी बसें और अन्य परिवहन सेवाएं बंद हो चुकी थीं। किसी तरह यहां तक पहुंचे हैं।

खाने के पैकेट दिए
मेडिकल जांच के बाद प्रशासन ने सभी सौ लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था बनाई। प्रत्येक व्यक्ति को एक-एक खाने के पैकेट दिए। रात करीब 7.33 बजे अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सुनील कुमार शुक्ला और ट्रैफिक डीएसपी सुदेश कुमार सिंह ने बसें रवाना की। मेडिकल टीम को निर्देशित किया कि सभी लोगों की जानकारी अलग से रखें ताकी किसी भी तरह की दिक्कत होने पर उनसे तत्काल सम्पर्क किया जा सके।

Corona virus corona virus in china corona virus in india
Show More
babanrao pathe Reporting
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned