मुख्यमंत्री का गढ़ फिर भी मुश्किल में लाखों की आबादी

कन्हरगांव में सिर्फ 80 सेमी पानी शेष, कम प्रेशर से मुश्किल में फिल्टर प्लांट, एक दिन के अंतराल में भी प्लांट में नहीं पहुंच पा रहा पानी

By: prabha shankar

Published: 18 Dec 2018, 11:09 AM IST

छिंदवाड़ा. कन्हरगांव डैम में सिर्फ 80 सेमी पानी शेष बचा है। इसके चलते भरतादेव फिल्टर प्लांट में पानी का प्रेशर अत्यंत कम हो गया है। इससे आनेवाले दिनों में पानी शहर की टंकियों में कैसे पहुंच पाएगा, यह सवाल खड़ा हो गया है। इस स्थिति की समीक्षा करने के लिए नगर निगम की टीम मंगलवार को डैम क्षेत्र का निरीक्षण करेगी।
निगम के अनुसार कन्हरगांव डैम से भरतादेव के दो फिल्टर प्लांट (15.75 एमएलडी और 11.30 एमएलडी) संचालित होते हैं। अभी तक नगर निगम एक दिन के अंतराल में इन प्लांट का संचालन कर पेयजल शहर की पानी टंकियों में पहुंचाता रहा और पेयजल आपूर्ति होती रही। डैम में पानी अत्यंत कम बचने पर पाइपलाइन में रॉ वॉटर के प्रेशर की समस्या बन गई है। इससे फिल्टर प्लांट चलाना मुश्किल हो गया है। अब आगे कैसे पानी टंकियां में पहुंचेगा, इस सवाल से निगम अधिकारियों के हाथ-पांव फूलते नजर आ रहे हैं। जबकि अभी दिसम्बर का पहला पखवाड़ा ही बीता है। आगे अभी बारिश होने में छह माह का समय है। फिलहाल निगम की टीम मंगलवार को डैम में पानी में आ रही रुकावट को देखेगी और सिल्ट को वनटेन मशीन से भी हटवाएगी। निगम कमिश्नर इच्छित गढ़पाले का कहना है कि कन्हरगांव डैम की आपूर्ति पर हमारी नजर है। हम पेयजल आपूर्ति की नियमित समीक्षा कर रहे हैं।

एसएएफ गेट रेलवे क्रांसिंग बाधा
धरमटेकरी से भरतादेव फिल्टर प्लांट तक 9 करोड़ रुपए की पेयजल पाइप लाइन की बिछाई में एसएएफ गेट रेलवे क्रांसिग बाधा बनी हुई है। इस रेलवे क्रांसिंग से पाइप लाइन गुजारने में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागपुर के अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण हो चुका है। इसकी रिपोर्ट नागपुर में जमा भी करा दी गई है। फिर भी रेलवे की अनुमति में कम से कम दो माह का वक्त लगेगा।

नई सरकार तुरंत करे पेयजल में हस्तक्षेप
कन्हरगांव डैम से पानी की आपूर्ति पर संकट के बादल छा गए हैं। माचागोरा डैम से पानी अभी दूर नजर आ रहा है। इस प्रोजेक्ट में केवल 18 किमी पाइपलाइन बिछी है। इंटकवेल,सम्पवेल और विद्युत स्टेशन के निर्माण में कम से कम छह माह का समय लगेगा। ये काम अब नगर निगम के बस में दिखाई देता नजर नहीं आ रहा है। इस स्थिति में आम जनता नई कमलनाथ सरकार की ओर आशाभरी निगाहों से देख रही है। मुख्यमंत्री से तत्काल शहर की पेयजल व्यवस्था की समीक्षा कर तुरंत राहत भरे कदम उठाने की मांग की जा रही है। सीएम ने ध्यान दिया तो माचागोरा का पानी जल्द लाने का निर्माण एजेंसी पर दबाव बनेगा।

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