ग्रीन बेल्ट में फंसी बेशकीमती जमीन, लोग अवैध कॉलोनियों में बसने को मजबूर

ग्रीन बेल्ट में फंसी बेशकीमती जमीन, लोग अवैध कॉलोनियों में बसने को मजबूर
Precious land trapped in green belt

Prabha Shankar Giri | Updated: 11 Aug 2019, 11:08:54 AM (IST) Chhindwara, Chhindwara, Madhya Pradesh, India

दो साल से अटका नगर निगम का मास्टर प्लान : अब नए सिरे से 27 गांवों को जोडऩे की कवायद

छिंदवाड़ा. शहर का सबसे बड़ा मुद्दा मास्टर प्लान-2031 अभी तक हल नहीं किया जा सका है। नगर एवं ग्राम निवेश विभाग ने इस प्लान को जैसे-तैसे पूर्ण कर अपने संचालनालय भोपाल पहुंचाया था, जहां से उसे सुझाव के साथ वापस भेज दिया गया है। संशोधन बिंदु का अधिकारिक पत्र प्राप्त नहीं होने से विभागीय अधिकारी-कर्मचारी कुछ नहीं कर पा रहे हैं। इसका नतीजा यह है कि ग्रीन बेल्ट में बेशकीमती जमीन फंसी है। लोग मजबूरी में अवैध कॉलोनियों में ही मकानों का निर्माण करने लगे हैं।
दो साल पहले वर्ष 2017 के मई माह में जब इसका ब्लू प्रिंट जारी किया गया था। तब एक उम्मीद जगी थी कि यह साल बीतते-बीतते प्लान लागू हो जाएगा। इसके साथ ही ग्रीन बेल्ट में फंसी बेशकीमती जमीनों के दुर्दिन दूर होंगे और उन पर देखा
गया आशियाना का सपना पूरा हो जाएगा। हर बार प्रशासनिक और राजनीतिक पेंच ने इन उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
हालात यह है कि मास्टर प्लान लागू न होने से ऐसी जमीनों पर झाडिय़ां उग आई हंै और लेने वाले गहरे अवसाद में चले गए हैं। इसके साथ ही शहर के दूसरे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट अटक गए हैं। मास्टर प्लान लागू न होने से लोग खेतों की जमीन पर बनी अवैध कॉलोनियों में मकान बनाने लगे हैं। इसके चलते शहर के आसपास करीब 150 अवैध कॉलोनियां हो गई हैं।

पुराने प्लान को कालातीत हुए आठ साल बीते
शहर का मास्टर प्लान-2011 को कालातीत हुए आठ साल बीत गए। जब छिंदवाड़ा में नगर पालिका परिषद हुआ करती थी और शहर का आकार छोटा था। वर्ष 2015 में नगर निगम बना तो फिर मास्टर प्लान नए सिरे से तैयार किया गया। लम्बी कवायद और विचार-विमर्श के बाद मई 2017 में इसका ब्लूप्रिंट जारी हुआ। इस प्लान में शहर को सुंदर-सुव्यवस्थित दिखाने के सपने दिखाए गए। उसके बाद समय पंख लगाकर उड़ता रहा।
नई सरकार बनी। फिर भी मास्टर प्लान लागू करने का ठोस फैसला अभी तक नहीं लिया जा सका है। अभी भी आश्वासन पे आश्वासन ही मिलते हैं।

ट्रांसपोर्ट नगर समेत कई प्रोजेक्ट लटके
दूसरे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट कबाडिय़ा में ट्रांसपोर्ट नगर, सोनपुर में मटन मार्केट का स्थानांतरण लटका हुआ है तो वहीं पार्क, बाजार समेत अन्य प्रोजेक्ट का फैसला नहीं हो पा रहा है। अब मिनी स्मार्ट सिटी का प्रोजेक्ट लाया गया है। शहर में पूछो तो हर खासोआम की शिकायत यहीं रही कि जिसके हाथ में सत्ता रही, उसने ही मास्टर प्लान पर छला है।

संचालनालय ने लौटाया प्रस्ताव
वर्ष 2018 में भोपाल नगर एवं ग्राम निवेश संचालनालय भोपाल भेजा गया छिंदवाड़ा मास्टर प्लान का प्रस्ताव लौटा दिया गया है। इस प्लान में27 गांवों की जमीन में एक लाख की अतिरिक्त जनसंख्या जोडऩे, पर्यावरण सुधार, एनआरबीसी के नियम, पार्किंग व सडक़ समेत अन्य बिंदुओं को शामिल करने का सुझाव दिया गया था। इसका आधिकारिक पत्र अभी तक नहीं आया है।

अधिकारिक पत्र का इंतजार
छिंदवाड़ा शहर में जनसंख्या और निवेश में वृद्धि को देखते हुए नए सिरे से मास्टर प्लान तैयार होगा। संचालनालय से संशोधन के अधिकारिक पत्र का इंतजार है। इसके बाद आगे की प्रक्रिया तय होगी।
अरविंद जैन, सहायक संचालक, नगर एवं ग्राम निवेश विभाग

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned