बाल अपराध रोकना जरूरी

बाल अपराध रोकना जरूरी

Sanjay Kumar Dandale | Publish: May, 17 2019 07:00:00 PM (IST) Chhindwara, Chhindwara, Madhya Pradesh, India

बच्चों में लैंगिक अपराधों के प्रति जागरूकता लाना बेहद जरूरी है।

जुन्नारदेव. वर्तमान में बाल अपराध लगातार बढ़ रहे है और इन पर लगाम लगाने के लिए शासन भी मुहिम चला रहा है। किन्तु ये सभी उपाय पूरी तरह कारगर साबित नहीं हुए हैं।
बच्चों में लैंगिक अपराधों के प्रति जागरूकता लाना बेहद जरूरी है। आज यह समस्या हर ओर पैली है। जागरूकता का प्रतिशत बहुत ही कम है। 18 वर्ष से कम आयु के छात्र/छात्राओं के खिलाफ होने वाले यौन अपराध, बाल अपराध के खिलाफ शिकायत करना बहुत ही जरूरी है। इसके लिए अलग से न्यायालय में विशिष्ट सेल में सुनवाई होती है। इसमें 6 माह से अजीवन कारावास भी हो सकता है। यह की जानकारी शासकीय महाविद्यालय जुन्नारदेव में एक दिवसीय कार्यशाला में छिंदवाड़ा पीजी कॉलेज के वाणिज्य विषय के प्राध्यापक डॉ. अमिताभ पांडे ने दी ।
द्वारा व्यक्त किये गये। इस दौरान महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. वाय.के. शर्मा द्वारा समस्त छात्र/छात्राओं को अपने-अपने मोहल्ले, गांव सहित अन्य सभी स्थानों पर लोगों को जागरूक करने की बात कहीं गयी। कार्यषाला के दौरान प्रो. पी.सी. दुसाद, डॉ. पी. अजवानी, डॉ. ए.के. ताण्डेकर, प्रो. आर.डी. वाडिवा, डॉ. संगीता वाषिंगटन, प्रो. आर.के. चन्देल, डॉ. एस.के. शेण्डे, डॉ. रष्मि नागवंषी, नेहा झारिया, रामनाथ चर्मकार सहित महाविद्यालय के समस्त अतिथि विद्वान, जनभागीदारी षिक्षक कर्मचारियों सहित छात्र/छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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