प्रायोगिक परीक्षाओं के कार्यक्रम जारी...606 स्कूलों में नहीं प्रयोगशाला, जानें वजह

- क्लास रूम या खुले मैदान में शोध करने को मजबूर विद्यार्थी, 5 मार्च तक जारी हो जाएंगे मूल्यांकनकर्ताओं की नियुक्ति आदेश

By: Dinesh Sahu

Published: 04 Mar 2021, 12:55 PM IST

छिंदवाड़ा/ माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल ने वार्षिक प्रायोगिक परीक्षाओं को 15 से 25 अप्रैल 2021 के बीच सम्पन्न कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही बाह्य मूल्यांकनकर्ताओं की नियुक्ति 5 मार्च 2021 तक जारी कर दिए जाएंगे, जिसके बाद प्रायोगिक परीक्षा केंद्र का 12 मार्च तक निरीक्षण कर उपयुक्त है या नहीं वेबसाइट पर अभिमत प्रस्तुत करना किया जाना हैं।


लेकिन जिले के दर्जनों शासकीय हायर सेकंडरी स्कूलों में प्रयोगशाला कक्ष नहीं है, मजबूरी यह है कि बच्चों को किसी विषय में प्रयोग करना हो तो क्लास रूम या खुले मैदान का उपयोग करना पड़ता है। इतना ही नहीं कुछ स्कूलों में तो प्रयोगशाला में पर्याप्त कैमिकल और उपकरण भी नहीं है। ऐसे में जिले के बच्चों का भविष्य किस तरह तय होगा यह विभागीय अधिकारी ही बता सकते हैं।

एक ओर नवीन शिक्षा नीति आधुनिक और तकनीकी शिक्षा पर जोर देना की बात करती है, वहीं दूसरी ओर लचर व्यवस्थाएं शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रश्र-चिन्ह लगाती है। बताया जाता है कि नवीन शिक्षा नीति में प्रयोगशाला कक्ष की उपलब्धता अनिवार्य है, जिसके बाद भी जिले के सरकारी स्कूलों में जिम्मेदारों द्वारा ध्यान नहीं दिया जाता है।


हर वर्ष स्वीकृत होता है बजट -


राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत प्रयोगशाला के रख-रखाव, उपकरणों और कैमिकल की उपलब्धता के लिए शासन से प्रतिवर्ष राशि प्रदान की जाती है। लेकिन उचित मॉनिटरिंग नहीं होने और भ्रष्टाचार के चलते प्रयोगशालाओं की हालात में सुधार नहीं होता है।


यह आती हैं दिक्कतें -


1. प्रयोगशाला नहीं होने से विद्यार्थी प्रैक्टिकल नहीं कर सकेंगे।


2. कैमिस्ट्री, फिजिक्स समेत अन्य विषयों में छात्रों को स्वयं शोध करना होता है, वह नहीं कर सकेंगे।


3. मैदान या क्लास रूम में प्रयोग करने पर उपकरण और कैमिकल को लाना ले जाना करना होगा, जो टूटने और कैमिकल से नुकसान की आशंका रहती है।


फैक्ट फाइल -


विषय प्रयोगशाल कक्ष
नहीं है - है
1. भौतिकी विज्ञान 143 - 59
2. रसायन प्रयोगशाल 141 - 61
3. जीवविज्ञान 146 - 56
4. कम्प्यूटर 176 - 26


- शासन को कराया गया हैं अवगत


जिले के शासकीय स्कूलों में प्रयोगशाला कक्ष की कमी के संदर्भ में शासन को कई बार अवगत कराया गया है तथा वार्षिक कार्ययोजना में भी शामिल किया गया है। जैसे आदेश विभाग से मिलेंगे किया जाएगा।


- अरविंद चौरागड़े, जिला शिक्षा अधिकारी

Show More
Dinesh Sahu
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned