Public issue: अनलॉक के बाद बाजारों में बढ़ा वाहनों का दबाव, हर दिन जाम

पार्किंग निर्धारित नहीं, वाहनों को किया जाता है सडक़ों पर ही पार्क

By: prabha shankar

Published: 12 Jul 2021, 11:26 AM IST

छिंदवाड़ा। लॉकडाउन के बाद बाजार खुलने के बाद बाजारों में एकाएक वाहनों का दबाव देखने को मिल रहा है। इसका परिणाम जाम के रूप में सामने आ रहा है। बाजारों में पार्किंग का अभाव एक बड़ी समस्या बनती जा रही है।
दरअसल, लगातार दो वर्षों से कोरोना संक्रमण और उसके बाद लॉकडाउन के कारण सावर्जनिक परिवहन प्रतिबंधित किए जा रहे थे। इससे सार्वजनिक वाहनों का उपयोग करने वाले लोगों ने अपनी-अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार वाहन खरीद लिए। अब अपने वाहनों से जब भी शहर के बाजार पहुंच रहे हैं तो पहले से ही पार्किंग की कमी झेल रहे बाजारों में जाम की समस्या और अधिक बन रही है। इसके लिए प्रशासन एवं निगम स्तर पर कोई प्रबंधन नहीं किए जा रहे हैं। अनलॉक होते ही बाजारों में अपनी जरूरतों का सामान लेने के लिए पहुंचने वाले लोग अब भी दुकान के सामने की सडक़ पर ही वाहन खड़ा करते हैं, जहां पहले से ही दुकानदार का सामान एवं उसके कर्मचारियों के वाहन रखे रहते हैं। इससे सडक़ की चौड़ाई बेहद कम हो जाती है।

पार्किंग एरिया में भी खोल दी दुकानें
शहर में निगम द्वारा अक्सर ही परासिया रोड स्थित शॉपिंग कॉम्प्लैक्सों, पार्किंग एरिया खाली कराने का अभियान चलाया जाता है जबकि यह हालात पूरे शहर के ही हैं। जिला अस्पताल के सामने फुटपाथ पर पार्किंग की जाती है। खजरी रोड पर एसबीआइ के सामने हमेशा हालात बदतर रहते हैं। जिन शॉपिंग कॉम्प्लैक्सों को ग्राउंड एवं अंडर ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग देनी थी उन्होंने वहां दुकान किराए पर दे दी। राजीव गांधी बस स्टैंड के सामने के कॉम्प्लैक्स में भी यही किया। नागपुर रोड, शनिचरा बाजार, बुधवारी, इतवारी, परासिया रोड से लेकर इएलसी से जेल बगीचा तक पार्किंग की सुविधा नहीं हैं। जेल तिराहे के एक मात्र पार्किंग क्षेत्र को भी निगम द्वारा फ ल-फूल बाजार बना दिया गया। जबकि कलेक्ट्रेट के सामने के मैदान का उपयोग कभी कभार की पार्किंग के लिए किया जाता है।

एक माह में दो हजार से अधिक बिके वाहन
परिवहन विभाग के आंकड़ों की मानें तो इस वर्ष अप्रैल-मई के लॉकडाउन के बाद जून माह में करीब दो हजार से अधिक दोपहिया वाहनों और करीब 230 कारों की बिक्री हुई। पिछले वर्ष भी मई -जून माह मिलाकर दस हजार से अधिक वाहनों का पंजीयन हुआ था। इसके पीछे की वजह सार्वजनिक वाहनों के बंद होने एवं संक्रमण का डर है। अब लोग निजी वाहनों से सफर करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

व्यवस्था बनाई जाएगी
अनलॉक के बाद बाजारों में वाहनों की संख्या बढ़ी है। सभी मुख्य बाजारों के आसपास खाली स्थानों को चिह्नित किया जा रहा है जहां वाहनों को खड़ा करवाने के लिए व्यवस्था बनाई जा सके।
हिमांशु सिंह, आयुक्त नगर निमम

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