Public Service Center: जमीन और मकान की खरीदी के बाद पावती के लिए भटक रहे जरूरतमंद

प्रशासन ने स्वीकारा-ऋण पुस्तिका की कमी, 35 हजार का ऑर्डर भोपाल प्रेस को भेजा

By: prabha shankar

Published: 04 Mar 2021, 05:40 PM IST

छिंदवाड़ा। इस समय लोक सेवा केंद्र में जमीन की मालिकियत की पहचान ऋण पुस्तिका के लिए आवेदन करो तो जवाब न ही मिलेगा। इसके चलते जमीन और मकान की खरीदी के बाद पावती बनवाने लोग भटक रहे हैं। प्रशासन ने भी इस पुस्तिका की कमी को स्वीकार किया है। इसके साथ ही कलेक्टर के पत्र के साथ 35 हजार पुस्तिका का ऑर्डर भोपाल प्रेस को किया है।
इस चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 की शुरुआत अप्रैल में कोरोना लॉकडाउन होने से जमीन की खरीदी बिक्री नहीं हो सकी। उसके बाद जून-जुलाई में लॉकडाउन खुलने के बाद जमीन, मकान के सौदे होते रहे और ऋण पुस्तिका की आवश्यकता बनी रही। खुद फरवरी तक पंजीयन विभाग द्वारा 17 हजार से अधिक दस्तावेज पंजीयत होने की बात स्वीकार की गई है। इसके अलावा संपत्ति के बंटवारा समेत अन्य राजस्व सम्बंधित काम हुए। प्रशासन के अनुश्रवण कार्यक्रम में भी पुस्तिका का वितरण किया गया। इन सबके चलते भू-अभिलेख शाखा द्वारा अब तक 30 हजार ऋण पुस्तिका रिलीज की गई है। अब भू-अभिलेख के कर्मचारियों द्वारा इस पुस्तिका के लिए हाथ खड़े कर दिए गए हैं। इसके चलते ऋण पुस्तिका की कमी हो गई है।

केस: एक महीने पहले किया था आवेदन
लोक सेवा केन्द्र छिंदवाड़ा शहर में रोहित जोशी की ओर से ऋण पुस्तिका लाने के लिए आवेदन किया गया था। तीन मार्च को जब सेवा केंद्र में लेने गए तो कर्मचारियों ने ऋण पुस्तिका न होने की बात कही। इसकी शिकायत भू-अभिलेख शाखा में की गई तो वहां भी एक महीने इंतजार करने के लिए कहा गया। ऐसा दूसरे लोगों के साथ भी हो रहा है।

ऋण पुस्तिका न होने से नहीं मिल रहा कर्ज
अधिवक्ता शक्ति सिंह का कहना है कि ऋण पुस्तिका अचल संपत्ति मकान, प्लॉट के स्वामित्व की पहचान प्रमाण के रूप में काम करती है। इसके चलते ही शासकीय योजनाओं का लाभ,जमीन की बिक्री और बैंकों से लोन निर्धारित होता है। ऋण पुस्तिका के अभाव में जरूरतमंद लोग भटकते रहते हैं।
कलेक्टर ने भोपाल प्रेस को लिखा पत्र
कलेक्ट्रेट भू-अभिलेख शाखा के अनुसार ऋण पुस्तिका में कमी को कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन के ध्यान में लाया गया है। उनके नाम से डीइओ लेटर भोपाल सरकारी प्रेस समेत संंबंधित अधिक ारियों को लिखा गया है। इस पत्र में 35 हजार ऋण पुस्तिका की मांग की गई है। भू-अभिलेख कर्मचारियों का कहना है कि ये ऋण पुस्तिका अगले माह अप्रैल तक मिल सकती है क्योंकि भोपाल सरकारी प्रेस पर दूसरे काम का बोझ है। इसके चलते जरूरतमंदों को अभी इंतजार ही करना पड़ेगा।

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