Public Service Day: पहले दिन भर लगते थे दफ्तरों के चक्कर,अब ये मिली राहत..जानिए

एक दशक में सिस्टम में आया बदलाव, धीरे-धीरे कर हर विभाग की 456 सेवाएं शामिल

By: manohar soni

Published: 25 Sep 2021, 11:07 AM IST

छिंदवाड़ा.आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र और खसरा-किश्तबंदी समेत अन्य सेवाओं के लिए तहसील समेत सरकारी विभागों के चक्कर लगाते-लगाते कई दिन लग जाते हैं। फिर भी आम आदमी को मुश्किल से प्रमाणपत्र और रिकार्ड मिल पाते थे। एक दशक में लोक सेवा गारंटी एक्ट के प्रभावशील होने के बाद पूरा प्रशासनिक कामकाज में बदलाव आया। कोर्ट समेत हर विभाग की 456 सेवाएं लोक सेवा केन्द्र और एक दिन समाधान केन्द्र के माध्यम से उपलब्ध होने से जनमानस को राहत मिली है। इस दृष्टि से मप्र लोक सेवा दिवस 25 सितम्बर आम आदमी के लिए यादगार होगा।
प्रदेश सरकार द्वारा लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2010 लागू किया गया था, तब लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से 9 विभागों की 26 सेवाएं को शामिल किया गया था। इसके साथ ही लापरवाह अधिकारी-कर्मचारियों पर 500 से 5000 रुपए तक का जुर्माना लगाने की व्यवस्था की गई थी। पिछले एक दशक में धीरे-धीरे सेवाओं का दायरा बढ़ता गया। इस सिस्टम में अब न केवल विभागीय सेवाएं शामिल है बल्कि कोर्ट की कुछ अधिसूचित सेवाओं को भी मुहैया कराया गया है। इससे नागरिकों को विद्युत, जल के कनेक्शन, बच्चों को स्कूल में प्रवेश, जन्म, मृत्यु, निवास और विवाह के प्रमाण पत्र, खसरा-किश्तबंदी लेना आसान हुआ है।
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तब कलेक्टर ने किया था 2.50 लाख का जुर्माना
छिंदवाड़ा में इन लोकसेवाओं को न देने के चक्कर में सैकड़ों अधिकारी-कर्मचारियों को जुर्माना देना पड़ा। साथ ही कलेक्टर की फटकार भी सुननी पड़ी। रिकार्ड बताते हैं कि तत्कालीन कलेक्टर जेके जैन द्वारा तत्कालीन तहसीलदार अनूप श्रीवास्तव पर एक मामले में 2.50 लाख रुपए तक अर्थदण्ड लगाया गया था। इसके बाद कुछ लापरवाही अधिकारियों को लगातार दिन के हिसाब से जुर्माना लगाया गया। इससे उन्हें सबक मिला। यह सिलसिला लगातार जारी रहा।
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आय, जाति,निवास और खसरा के आवेदन सर्वाधिक
शहरी लोकसेवा केन्द्र संचालक संदीप सिंगोतिया का कहना है कि लोक सेवा केन्द्र में सबसे अधिक आवेदन आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र, खसरा और किश्तबंदी के लिए आते हैं। लोकसेवा केन्द्र के माध्यम से नागरिकों को त्वरित सेवाएं मिल रही है। यह लोकसेवा गारंटी एक्ट की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
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यह महत्वपूर्ण तथ्य
लोकसेवा में अधिसूचित सेवाएं-456
समाधान एक दिन में सेवाएं-41
जिले में अब तक आवेदन-2824742
जिले में अब तक निराकरण-2817522
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इनका कहना है..
पिछले एक दशक में लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से लोक सेवाओं का दायरा बढ़ाया गया है। इससे विभागीय सेवाएं मिलना आसान हुई है। हाल ही में कोर्ट की कुछ सेवाओं को भी लोकसेवा में शामिल कर लिया गया है।
-मोहन प्रजापति, प्रबंधक लोकसेवा प्रबंधन विभाग।

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