Railway: 149 किमी रेलमार्ग का कार्य हुआ पूरा, जल्द चलेगी इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन

रेलमार्ग एवं इलेक्ट्रिफिकेशन का सीआरएस जुलाई माह में एक साथ होगा।

By: ashish mishra

Published: 22 Jun 2020, 12:00 PM IST


छिंदवाड़ा. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागपुर मंडल के अंतर्गत छिंदवाड़ा से नागपुर रेल परियोजना का अंतिम खंड भंडारकुंड से भिमालगोंदी रेलमार्ग एवं इलेक्ट्रिफिकेशन का सीआरएस जुलाई माह में एक साथ होगा। हालांकि अब तक कलकत्ता से कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी ने निरीक्षण को लेकर तिथि निर्धारित नहीं की है। गेज कन्वर्जन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भंडारकुंड से भिमालगोंदी कुल 20 किमी घाट सेक्शन का कार्य मई माह में पूरा हो गया था, लेकिन कोरोना वायरस के चलते सीआरएस की तिथि निर्धारित नहीं हो पाई। हम लगातार सीआरएस के संपर्क में हैं। संभवत: जुलाई माह में सीआरएस दोनों कार्यों का निरीक्षण करें। गौरतलब है कि गेज कन्वर्जन विभाग की लेटलतीफी की वजह से परियोजना लगभग 8 माह विलंब से चल रही है। गेज कन्वर्जन विभाग द्वारा भंडारकुंड से भिमालगोंदी के कार्य नवंबर 2019 में ही पूरा करने का दावा किया गया था, लेकिन सीआरएस ने ब्रिज नंबर-83 पर तकनीकी खामियों एवं रिटर्निंग वॉल न बनने की वजह से निरीक्षण करने से इंकार कर दिया था। इसके बाद गेज कन्वर्जन विभाग को शेष कार्यों को पूरा करने में छह माह का समय लग गया। इस दौरान कोरोना वायरस की वजह से कार्य प्रभावित भी हुए।

इलेक्ट्रिफिकेशन का कार्य पूरा
छिंदवाड़ा से नागपुर रेल परियोजना के अंतर्गत रेलमार्ग और इलेक्ट्रिफिकेशन का कार्य चार खंडों में किया गया है। इसमें छिंदवाड़ा से भंडारकुुंड, इतवारी से केलोद, केलोद से भिमालगोंदी तक इलेक्ट्रिफिकेशन का कार्य पूरा हो चुका है और इस खंड में ट्रेनों का परिचालन भी इलेक्ट्रिक इंजन से किया जा रहा है। वहीं जुन माह में इस परियोजना के अंतिम खंड भंडारकुंड से भिमालगोंदी रेलमार्ग पर भी इलेक्ट्रिफिकेशन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। ऐसे में अब सीआरएस दोनों ही कार्यों का निरीक्षण करेंगे। सब कुछ ठीक ठाक रहा तो सीआरएस दोनों कार्यों को अप्रूव कर देंगे। जिसके बाद इलेक्ट्रिक इंजन से इस खंड पर भी ट्रेनों का परिचालन किया जा सकेगा।


छिंदवाड़ा से इतवारी तक हो सकेगा ट्रेन परिचालन
1 दिसंबर 2015 को छिंदवाड़ा से नागपुर आमान परिवर्तन परियोजना के लिए छोटी रेल लाइन पर टे्रन का परिचालन बंद कर दिया गया। रेलवे निर्माण विभाग द्वारा छिंदवाड़ा से नागपुर तक (149 किमी रेलमार्ग)गेज कन्वर्जन के कार्यों को कुल चार खंड में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया। पहला खंड छिंदवाड़ा से भंडारकुंड तक 35 किमी का है। जिसके कार्य पूरा हो चुके हैं। जनवरी 2018 से यहां ट्रेन का परिचालन भी किया जा रहा है। वहीं दूसरे खंड में इतवारी से केलोद तक 47 किमी, तीसरे खंड में केलोद से भिमालगोंदी तक कुल 44 किमी रेलमार्ग का भी कार्य पूरा हो चुका है और इस खंड में भी ट्रेन का परिचालन हो रहा है। इस परियोजना का चौथा एवं आखिरी खंड भिमालगोंदी से भंडारकुंड 20 किमी रेलमार्ग का सीआरएस होने और अप्रूवल मिलने के बाद छिंदवाड़ा से नागपुर सीधे ट्रेन का परिचालन हो सकेगा।

ashish mishra Desk
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