Railway: प्रवासी मजदूरों को काम देगा रेलवे, बनी योजना, इतने लाख रुपए हुए स्वीकृत

घर के समीप ही रोजगार उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है।

By: ashish mishra

Published: 27 Jul 2020, 12:47 PM IST

छिंदवाड़ा. कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन में परदेश से घर लौटे प्रवासी मजदूरों को मनरेगा के तहत छिंदवाड़ा से नागपुर रेलमार्ग पर काम दिया जाएगा।
जोनल सदस्य सत्येन्द्र ठाकुर ने बताया कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा प्रवासी मजदूरो को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना(मनरेगा) के तहत उनको उनके घर के समीप ही रोजगार उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इस योजना के तहत राज्य सरकार और जिला पंचायत के साथ समन्वय करते हुए प्रवासी मजदूरों को उनके घर के पास ही स्थित रेलवे स्टेशन के निर्माण कार्य से लेकर, पटरियों के आस-पास की सफाई, पौधारोपण आदि कार्य कराए जाएंगे। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागपुर मंडल के अंतर्गत छिंदवाडा व बालाघाट जिलों के आसपास रेल परिसरों मे मनरेगा के तहत कार्यों को निरीक्षण कर चिन्हित किया जा रहा है। जिससे अधिक से अधिक प्रवासी मजदूरों व ग्रामीणों को काम मिल सके। जिले में यह कार्य जिला पंचायत व जनपद पंचायतों के माध्यम से किया जाएगा। जोनल सदस्य ने जिले के प्रवासी मजदूरों को मनरेगा के तहत कार्य दिये जाने के लिए केन्द्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल का आभार व्यक्त किया।

36 लाख का बजट
प्रवासी मजदूरों से मनरेगा के तहत लिंगा, उमरानाला, भंडारकुंड एवं लोधीखेड़ा रेलवे स्टेशन की खाली जमीन पर पौधरोपण कराया जाएगा। इसके लिए 25 लाख रुपए का बजट रखा गया है। इसके अलावा भिमालगोंदी से इतवारी एवं छिंदवाड़ा से भंडारकुंड सेक्शन में सेस रिपेयरिंग एवं भिमालगोंदी से सौंसर एवं सौंसर से केलोद के बीच कैच वाटर रिपेयरिंग का कार्य किया जाएगा। सेस रिपेयरिंग के लिए 10 लाख एवं कैच वाटर रिपेयरिंग के लिए 6 लाख रुपए का बजट रखा गया है। इन तीनों ही कार्यों को प्रवासी मजदूरों की सहायता से पूरा किया जाएगा।

ashish mishra Desk
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