Railway: बारिश से धीमी हुई इस रेलमार्ग परियोजना के कार्यों की रफ्तार

बारिश से कार्यों की रफ्तार धीमी हो गई है।

By: ashish mishra

Updated: 18 Sep 2020, 01:05 PM IST

छिंदवाड़ा. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागपुर मंडल के अंतर्गत छिंदवाड़ा-नैनपुर-मंडला फोर्ट रेल परियोजना के कार्यों में बारिश रूकावट बन रही है। गेज कन्वर्जन विभाग के अधिकारियों के अनुसार बारिश से कार्यों की रफ्तार धीमी हो गई है। हालांकि उन्होंने पूर्व निर्धारित लक्ष्य को कोई फेरबदल नहीं किया है। अधिकारियों का कहना है कि वे दिसंबर तक पहला खंड छिंदवाड़ा से चौरई रेलमार्ग का कार्य पूरा कर लेंगे। वर्तमान में ट्रैक लिंकिंग का कार्य चल रहा है। जगह-जगह गिट्टी, स्लीपर रखी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि ट्रैक पर गिट्टी बिछाने के बाद स्लीपर रखी जाएगी। इसके बाद रेल बिछाकर वेल्डिंग सहित अन्य कार्य किया जाएगा। सबकुछ ठीकठाक रहा तो तीन से चार माह में पहला खंड का कार्य पूरा हो जाएगा। गौरतलब है कि ब्राडगेज कार्य के लिए 1 नवंबर 2015 को नैनपुर-छिंदवाड़ा, नैनपुर-मंडला, नैनपुर-बालाघाट एवं एक अक्टूबर 2015 से जबलपुर-नैनपुर खंड पर नैरोगेज का परिचालन बंद कर दिया गया था। जबलपुर से नैनपुर तक कुल 125 किमी रेलमार्ग का कार्य पूरा होने के बाद ट्रेन का परिचालन शुरु हो चुका है। जबलपुर से नैनपुर तक रेलमार्ग का कार्य पूरा हो चुका है। इस रेलमार्ग पर ट्रेन का परिचालन भी किया जा रहा है। जबकि नैनपुर से छिंदवाड़ा तक गेज कन्वर्जन विभाग द्वारा चार खंडों में कार्य किया जा रहा है। इसमें पहला खंड छिंदवाड़ा से चौरई(लगभग 35 किमी), दूसरा खंड पलारी से नैनपुर(लगभग 36 किमी), तीसरा खंड सिवनी से पलारी(लगभग 35 किमी), चौथा खंड चौरई से सिवनी(लगभग 30 किमी) तक है। चारों ही खंड में रेलमार्ग का कार्य गेज कन्वर्जन विभाग द्वारा टेंडर प्रक्रिया से अगल-अलग निर्माण एजेंसी द्वारा कराया जा रहा है। गेज कन्वर्जन विभाग ने सबसे पहले छिंदवाड़ा से चौरई रेलमार्ग का कार्य पूरा कर सीआरएस के बाद ट्रेन परिचालन करने का लक्ष्य रखा है।


छोड़े-बड़े 214 ब्रिज
छिंदवाड़ा से सिवनी होते हुए नैनपुर और मंडला फोर्ट स्टेशन जाने वाला रेलमार्ग 182 किमी लंबा है। छिंदवाड़ा से नैनपुर के बीच छोटे-बड़े कुल 214 ब्रिज हैं।अधिकतर ब्रिज बन चुके हैं। वहीं छिंदवाड़ा से नैनपुर रेलमार्ग में नौ रेलवे स्टेशन और 13 पैसेंजर हाल्ट हैं। छिंदवाड़ा, झिलमिली, काराबोह, पीपरडाही, सिवनी, भोमा, पलारी, केवलारी और नैनपुर में स्टेशन का अधिकतर कार्य हो चुका है। बता दें कि नैनपुर रेलवे स्टेशन को पहले नैरोगेज के एशिया के सबसे बड़े जंक्शन का दर्जा प्राप्त था। इस स्टेशन से चारों दिशाओं में ट्रेन दौड़ती थी। आमान परिवर्तन के बाद फिर से चारों दिशाओं में ट्रेन दौड़ेगी।


मार्च 2020 में पूरा करने का था लक्ष्य
वर्ष 2019 में गेज कन्वर्जन विभाग ने छिंदवाड़ा-नैनपुर-मंडला फोर्ट रेल परियोजना को मार्च 2020 में पूरा करने का लक्ष्य बनाया गया था, लेकिन वर्ष 2019 में इस परियोजना के लिए बजट नहीं मिला। ऐसे में कार्य ठप हो गए। आलम यह था कि गेज कन्वर्जन विभाग के अधिकारियों ने निर्माण एजेंसियों के भी पेमेंट रोक दिए। इसके बाद वर्ष 2020 में अप्रैल माह में परियोजना को दो सौ करोड़ रुपए बजट स्वीकृत हुए, लेकिन कोरोना की वजह से मजदूरों की कमी फिर रोड़ा बना। हालांकि जुलाई माह से कार्य शुरु कर दिए गए हैं। जिससे छिंदवाड़ा से जबलपुर तक सीधे ट्रेन सुविधा की राह देख रहे लोगों में आस जगी है।


इनका कहना है...
पहले खंड में छिंदवाड़ा से चौरई तक रेलमार्ग का कार्य पूरा किया जाना है। बारिश से दिक्कत हो रही है। इसके बावजूद भी हमलोगों का पूरा प्रयास है कि दिसंबर तक कार्य पूरा कर लिया जाए।

मनीष लावनकर, उप मुख्य अभियंता, गेज कन्वर्जन विभाग

ashish mishra Desk
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