Rain Of Trouble: दलहन और तिलहन पर संकट के बादल

Rain Of Trouble: दलहन और तिलहन पर संकट के बादल
Chhindwara

Prabha Shankar Giri | Updated: 18 Sep 2019, 11:27:48 AM (IST) Chhindwara, Chhindwara, Madhya Pradesh, India

अतिवृष्टि से फसल की क्षति: गड़बड़ स्थिति पर तुरंत सूचना देने को कहा

छिंदवाड़ा/ जिले में जरूरत से ज्यादा बारिश अब दलहन और तिलहन फसलों के लिए मुसीबत बन रही है। जिले में सोयाबीन, तुअर, उड़द और तिल रामतिल का रकबा भी है। इन फसलों में फल लग गए हैं। अब इन फसलों को धूप चाहिए ताकि दाने सूखें। वर्तमान में जिले में रुक-रुक ही, लेकिन तेज हो रही बारिश इन फसलों को नुकसान पहुंचा रही है। जल भराव के कारण फसलों के गलने का खतरा है तो दानों में पानी लगने पर उनकी गुणवत्ता में भी फर्क आ सकता है। कृषि विभाग ने किसानों को फसलों के बिगडऩे की स्थिति में इसकी सूचना तत्काल कृषि अधिकारियों को देने को कहा है। खासकर उन किसानों को ताकीद की जा रही है जिन्होंने फसलों का बीमा कराया है। मिली जानकारी के अनुसार दस से पंद्रह प्रतिशत के इन फसलों के रकबे में स्थिति प्रभावित होती दिख रही है। ध्यान रहे अनुमानित उपज का 50 प्रतिशत से ज्यादा का नुकसान पाए जाने पर पटवारी हल्का स्तर पर फसल क्षति पूर्ति किसानों को देने का प्रावधान है।

शासन के निर्देशानुसार किसी बीमित इकाई में फसल मौसम के मध्य जल भराव, वृहद कीट, व्याधि, भूस्खलन, प्राकृतिक आग, बिजली कडकऩा, तूफान, ओलावृष्टि, चक्रवात, बाढ़, लम्बी सूखी अवधि, गम्भीर सूखा जैसी स्थितियां आती हैं तो इसकी अधिसूचना जारी की जाएगी।

72 घंटे में दें क्षति की सूचना
वर्तमान में जिले में अधिक वर्षा की स्थिति को देखते हुए फ सल क्षति की आशंका है। कृषि विभाग से किसानों के नाम एक पत्र जारी कर बीमित किसानों को जिन्होंने अपने क्षेत्र की अधिसूचित फ सलों का बीमा सहकारी बैंक या राष्ट्रीयकृत बैंक से कराया गया है जल भराव और अतिवृष्टि के कारण प्रभावित होने पर तत्काल सूचना देने कहा है। उपसंचालक जेआर हेडाऊ ने बताया कि आपदा घटित होने के 72 घंटे के भीतर अति आवश्यक रूप से सूचित करें। किसानों ने जिन बैंकों से बीमा कराया है वे किसान बीमा के लिए जमा की गई प्रीमियम राशि की पावती सम्बंधित बैंक से अनिवार्य रूप से प्राप्त करें ताकि फ सल क्षति के आकलन के समय प्रमाण स्वरूप प्रस्तुत की जा सके। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग के मैदानी अधिकारियों को भी यह निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावित कृषकों के दावा भुगतान फॉर्म भरवाकर सम्बंधित बैंक एवं बीमा कम्पनी ओरिएण्टल इंश्योरेन्स कम्पनी लिमिटेड को 72 घंटे के भीतर सूचित करें ताकि बीमा कम्पनी द्वारा तत्काल सर्वे अधिकारी नियुक्त कर क्षति का सर्वे किया जा सके।

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