scriptrainwater harvesting system in chhindwara | रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने में उदासीनता | Patrika News

रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने में उदासीनता

शासकीय भवनों में बारिश के पानी को सहेजने के प्रबंध नहीं

छिंदवाड़ा

Published: April 21, 2022 06:55:18 pm

मंतोष कुमार सिंह
छिंदवाड़ा. कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन ने छिंदवाड़ा को जल अभाव ग्रसित जिला घोषित कर दिया है। नलकूपों के खनन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सिवनी और बालाघाट में भी जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। गर्मी के मौसम में प्रतिवर्ष पानी की कमी आम बात हो गई है, लेकिन वर्षा जल संचय के लिए कारगर कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। शासकीय भवनों में भी बारिश के पानी को बचाने के लिए प्रबंध नहीं किए गए हैं। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम (वर्षा जल संचय संयत्र) तैयार करने के आदेश कागजों तक सीमित हैं।
जल संरक्षण नहीं होने के कारण प्रतिवर्ष भूमिगत जल स्तर में गिरावट आ रही है। नलकूप और कुएं सूखते जा रहे हैं। सैकड़ों फीट बोरवेल के बाद भी पानी नहीं मिल रहा है। व्यर्थ बह रहे पानी को संग्रहण करने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से सस्ता और दूसरा प्रभावशाली साधन नहीं है। बावजूद इसके जिम्मेदार रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने में उदासीनता बरत रहे हैं।

rainwater harvesting
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रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थिति
छिंदवाड़ा: जिला पंचायत, खनिज विभाग, पंजीयन, कृषि, तहसील, शहरी विकास अभिकरण, रिकॉर्ड रूम में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं है। नगर निगम के मुख्य कार्यालय, आनंदम, जोन कार्यालय नरसिंहपुर रोड, भरतादेव फिल्टर प्लांट, धरमटेकरी फिल्टर प्लांट, एकता पार्क ट्यूबवेल, दीनदयाल पार्क ट्यूबवेल में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बना हुआ है।

बालाघाट: एसडीएम, तहसील, पीडब्ल्यूडी, वन विभाग, मुख्यचिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं है। नगरपालिका में भी पानी को सहेजने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग नहीं लगा है, जबकि नपा क्षेत्र में मकान निर्माण के लिए वाटर हार्वेस्टिंग को लगाना अनिवार्य किया गया है।

सिवनी: खनिज, पंजीयन, कृषि, एसडीएम, तहसील, शहरी विकास अभिकरण, रिकॉर्ड रूम, पीडब्ल्यूडी, पीएचई, स्वास्थ्य, वन विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं है। कलेक्ट्रेट परिसर, जिला पंचायत कार्यालय, जिला अस्पताल की नई बिल्डिंग में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा है।

छह से दस हजार की लागत
रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के निर्माण में छह से दस हजार रुपए की लागत आती है। जमीन में तीन से पांच फीट चौड़ा और पांच से दस फीट गहरा गड्ढा बनाया जाता है। गड्ढे की निचली सतह पर मध्यम और छोटे आकार के पत्थर डाले जाते हैं। पत्थर के ऊपर बजरी की परत बिछाई जाती है। घर या कार्यालय की छत का पानी पाइप के माध्यम से गड्ढे में पहुंचता है और फिल्टर होकर भूमिगत जलस्तर को बढ़ाता है।

वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के फायदे
- मानसून के समय बारिश का पानी बेकार नहीं होता है।
- वर्षा जल संचय से भूमिगत जलस्तर में बढ़ोतरी होती है।
- नलकूप, कुएं और अन्य जलस्रोत सूखते नहीं हैं।
- सालभर पानी की समस्या उत्पन्न नहीं होती है।

अभियान चलाया जाएगा
मानसून पूर्व वाटर हार्वेस्टिंग के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। कुएं के जल से लेकर स्टॉप डैम, तालाब बनाए जाने की योजना है। घरों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के लिए जागरुकता अभियान चलाया जाएगा।
हिमांशु सिंह, आयुक्त नगर निगम छिंदवाड़ा

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