भारद्वाज संवाद और सती मोह की सुनाई कथा

दीनदयाल पुरम कॉलोनी धरमटेकड़ी में श्रीरामकथा

छिंदवाड़ा / दीनदयाल पुरम कॉलोनी धरमटेकड़ी में चल रही श्रीरामकथा के दूसरे दिन पं. रविकांत शास्त्री ने भारद्वाज संवाद और सतीमोह की कथा सुनाई। उन्होनें बताया कि तुलसीदासजी अपनी पत्नी के प्रति आसक्त थे। मायके जाने पर वे रात में उसके पास पहुंच गए। पत्नी ने कहा कि जैसी प्रीति मेरे शरीर से है ऐसी प्रीति भगवान में हो तो कोई बात बने। तुलसीदासजी को बात चुभ गई और उन्होंने वैराग्य धारण कर रामायण की रचना कर डाली। उन्होंने रामचरित मानस में छह शास्त्र, अठारह पुराणों का सार समाहित कर समाज को सही दिशा प्रदान कर भगवान की भक्ति राम कथा के माध्यम से कराई। शास्त्रीजी ने सती मोह प्रसंग भी सुनाया। संगीतआचार्य श्री नर्मदानंद ने बताया कि शनिवार को सती प्रसंग व शिव विवाह की कथा सुनाई जाएगी। इस दौरान आकाश नामदेव द्वारा शिव विवाह के सुंदर भजन भी प्रस्तुत किए जाएंगे।

धगडिय़ा में फड़ापेन की स्थापना कल
गोंड समाज के धार्मिक स्थल फड़ापेन की स्थापना धगडिय़ा में रविवार को की जाएगी। गोंडवाना स्टूडेंट यूनियन के जिला अध्यक्ष देवराव भलावी ने बताया कि सुबह नौ बजे से धार्मिक कार्यक्रम कलश यात्रा के साथ शुरू हो जाएंगे। इस दौरान जय सेवा गोंडी गोंडवाना जागरण ग्रुप सांस्कृतिक प्रस्तुति भी देगा। इस मौके पर भुमका संघ के जिला सदस्य नारायण शाह, मेहंगलाल धुर्वे, फूलचंद सल्लाम, श्यामलाल सरयाम आदि भी उपस्थित रहेंगे।

‘सुखी रहना है तो मोह और राग-द्वेष का करें त्याग’
स्वाध्याय भवन में राहुल भैया के प्रवचन

आत्म ज्ञान होना ही सबसे बड़ा ज्ञान है बाकी के सभी ज्ञान अज्ञानता की श्रेणी में आते हैं। विश्व शांति यानि आत्म शांति का मूल है वीतराग विज्ञान। वीतरागता ही तीनों लोकों में सार है बाकी सब नि:सार है। यह बात बाल ब्रह्मचारी राहुल भैया ने स्वाध्याय भवन में शुक्रवार को कहे। उन्होंने कहा कि यदि हमें सुखी रहना है तो मोह के साथ राग और द्वेष को त्यागना होगा। आज तक जितने भी तीर्थंकर भगवंत हुए हैं वे सब अपने ज्ञायक स्वभाव के आश्रय से हुए हैं। जिन्हें वीतरागता प्रगट होती है वे ही सर्वज्ञ होते हैं और हित का उपदेश देते हैं अर्थात हितोपदेशी होते हैं। मोह उदय से हमारी मिथ्या मान्यता के कारण हम उसमें राग-द्वेष कर पापों का बंध करते हुए दुर्गति के पात्र होते हैं।
शांति विधान का आयोजन - शनिवार और रविवार को आदिनाथ जिलनालय में सुबह 7.30 बजे शांति विधान का आयोजन किया गया है। इसके बाद स्वाध्याय भवन में बाल ब्रह्मचारी राहुल भैयाजी के मंगल प्रवचन होंगे।

शिव मंदिर में अपना ध्यान कल

कलेक्ट्रेट के सामने स्थित शिव मंदिर परिसर में रविवार को अपना ध्यान का आयोजन किया जाएगा। अपना ध्यान परिवार के सतीश साहू ने बताया कि रविवार की सुबह 9.30 बजे से ध्यान शुरू होगा। इस दौरान योग की विभिन्न क्रियाओं से स्वास्थ्य कैसे रहें यह बताया जाएगा। इसके बाद आरती प्रसाद के साथ तत्वचर्चा भी की जाएगी। सभी को नियत समय पर उपस्थित रहने के लिए कहा गया है।

chandrashekhar sakarwar Photographer
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