Ramleela: यहां की रामलीला इस वजह से की जाती है पसंद, यह बातें बनाती हैं खास

मुनि आगमन, ताडक़ा वध की लीला का मंचन किया गया।

By: ashish mishra

Published: 04 Oct 2021, 12:50 PM IST


छिंदवाड़ा. छोटी बाजार रामलीला रंगमंच पर चल रही श्रीरामलीला में दूसरे दिवस रविवार को मुनि आगमन, ताडक़ा वध की लीला का मंचन किया गया। मारीच एवं सुबाहु राक्षसों द्वारा महामुनि विश्वामित्र एवं अन्य ऋषियों के यज्ञ एवं तपस्या को भंग किया जा रहा था। उनका अत्याचार बढ़ रहा था। यज्ञ एवं धर्म की रक्षा के लिए महामुनि विश्वामित्र राजा दशरथ के पास पहुंचे। उनके दो पुत्र राम-लक्ष्मण को मांगते है एवं उन्हें लेकर आश्रम की ओर प्रस्थान करते हंै। मार्ग में श्री राम ताडक़ा नामक राक्षसी का वध करते हैं। अपनी दिनचर्या अनुसार मारीच एवं सुबाहु राक्षस महामुनि विश्वामित्र का यज्ञ भंग करने आते हंै। श्री राम एवं लक्ष्मण सुबाहु का सेना सहित वध करते हैं एवं मारीच को सौ योजन पार भेज देते हैं। जनकपुरी की ओर प्रस्थान करते समय मार्ग में विश्वामित्र श्रीराम एवं लक्ष्मण को गंगा अवतरण एवं देवी अहिल्या की कथा सुनाते हैं। श्रीराम द्वारा चरण रज से अहिल्या का उद्धार किया जाता है। जनकपुर पहुंचने पर जयद्रथ बाग में श्री राम एवं सीता के एक दूसरे के दर्शन का मंचन भी किया गया। रामलीला में पेट से आर-पार होती तलवार, मुंह से निकलते आग के गोले, आसमान से उतरते बाण, स्पेशल इफेक्ट प्रमुख आकर्षण का केन्द्र बने हुए हैं। रामलीला देखने काफी संख्या में दर्शक पहुंच रहे हैं। वहीं ऑनलाइन माध्यम से भी लोग लुत्फ उठा रहे हैं।

आज का मंचन
भव्य साज-सज्जा के साथ रामलीला में सोमवार को धनुष यज्ञ एवं लक्ष्मण-परशुराम संवाद का मंचन किया जाएगा। आधुनिकता के नवीन रंग में जनक पुरी को सजाया जाएगा।


इन्होंने निभाया पात्र
राम का पात्र रजत पांडेय, लक्ष्मण का आयुष शुक्ला, दशरथ का श्रांत चंदेल, वशिष्ठ का राजू माहोरे, विश्वामित्र का दिवस दुबे, मारीच का राहुल द्विवेदी,
सुबाहु का दर्शित बोरगांवकर, सुमन्त का रवि तिवारी,
ताडक़ा का प्रवीण कहार, जनक का राजू माहोरे, सतानंद का राकेश सराठे, सीता का समकित जैन एवं गौरी माता का आशी द्विवेदी ने निभाया।

ashish mishra Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned